पूर्व सीएम अशोक गहलोत का राज्य सरकार पर निशाना, कहा- नारी शक्ति योजना में भरतपुर ही सबसे ज्यादा पिछड़ा
भरतपुर पूरे प्रदेश में सबसे आखिरी पायदान पर आकर खड़ा
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना को लेकर गहलोत का राज्य सरकार पर निशाना। सरकार केवल कागज़ी विज्ञापनों और दौरों से बाहर निकलकर तुरंत बैंकों की जवाबदेही तय करे, ताकि स्वरोजगार की राह देख रही प्रदेश की हज़ारों बेटियों और महिलाओं का भरोसा इस सिस्टम से न उठे।
जयपुर। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा है और आज सीएम कई महीनों बाद अपने गृह जिले भरतपुर के दौरे पर हैं, लेकिन अच्छा होता कि वे जयपुर से निकलने से पहले पूरे प्रदेश में दम तोड़ती अपनी फ्लैगशिप मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की ज़मीनी हकीकत की भी सुध ले लेते। पूरे राजस्थान में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की यह योजना आज प्रशासनिक शिथिलता और बैंकों की मनमानी की भेंट चढ़ चुकी है, जहाँ महिला अधिकारिता विभाग द्वारा भेजे गए आवेदनों में से 2,546 से अधिक फाइलें बैंकों में धूल फांक रही हैं और प्रदेश के 10 बड़े बैंकों ने तो एक भी महिला को लोन देने की ज़हमत तक नहीं उठाई।
1 करोड़ रुपए तक के ऋण के बड़े-बड़े दावों के विपरीत आज महिलाओं को औसतन केवल 10.62 लाख रुपए का लोन देकर टरकाया जा रहा है, जिससे प्रदेश के 41 में से 23 जिलों में तय लक्ष्य तक पूरा नहीं हो सका। इस बदहाली में खुद सीएम का गृह जिला भरतपुर पूरे प्रदेश में सबसे आखिरी पायदान पर आकर खड़ा हो गया है। सरकार केवल कागज़ी विज्ञापनों और दौरों से बाहर निकलकर तुरंत बैंकों की जवाबदेही तय करे, ताकि स्वरोजगार की राह देख रही प्रदेश की हज़ारों बेटियों और महिलाओं का भरोसा इस सिस्टम से न उठे।

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