179 घायल पक्षियों को मिली नई उड़ान की उम्मीद : वन विभाग के उपचार केंद्र में चल रही देखभाल, कबूतर से लेकर बाज और मोर तक
अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों का हो रहा उपचार
जयपुर। शहर में घायल और असहाय पक्षियों के लिए अशोक विहार स्थित आपातकालीन पक्षी उपचार केंद्र जीवनदान देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। वन विभाग द्वारा संचालित इस केंद्र में वर्तमान में विभिन्न प्रजातियों के 179 पक्षियों का उपचार और देखभाल की जा रही है।
जयपुर के सचिवालय, सेंट्रल पार्क, सी-स्कीम, राजभवन, गोपालपुरा, 22 गोदाम सहित कई क्षेत्रों से घायल अवस्था में मिले पक्षियों को यहां लाकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। केंद्र में इस समय 127 कबूतर, 40 चील, तीन मोर, दो बाज, एक कमेड़ी, चार उल्लू और दो तोतों का इलाज चल रहा है। इनमें कई पक्षी ऐसे हैं जो दुर्घटनाओं, मांझे से काटकर घायल या अन्य कारणों से घायल हुए हैं। दो बाज और कई चीलों के पंख गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त या कटे हुए हैं, जिनका विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। उपचार केंद्र में पक्षियों की प्रजाति और उनकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग पिंजरे और सुरक्षित स्थान बनाए गए हैं, ताकि उन्हें तनावमुक्त वातावरण मिल सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें। यहां नियमित रूप से भोजन, दवाइयों और चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था की जाती है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार उपचार के बाद जैसे-जैसे पक्षी पूरी तरह स्वस्थ होते हैं, उन्हें उनके प्राकृतिक आवास और वन क्षेत्रों में छोड़ दिया जाता है।

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