टाउनशिप पॉलिसी-2024 में बड़े बदलाव, संयुक्त उपक्रमों और ईडब्ल्यूएस आवास को लेकर स्पष्टता
मॉर्गेज कोटा घटा
जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर कई महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब एक से अधिक खातेदार या आवंटी संयुक्त रूप से एसोसिएशन, कंसोर्टियम, फर्म अथवा जॉइंट वेंचर बनाकर टाउनशिप विकसित कर सकेंगे। ऐसे मामलों में परियोजना क्षेत्रफल के आधार पर केवल एक इकाई का डेवलपर के रूप में पंजीकरण होगा। सरकार ने 10 प्रतिशत मॉर्गेज प्लॉट्स की जगह 7.5 प्रतिशत मॉर्गेज प्लॉट्स का प्रावधान स्पष्ट किया है।
वहीं, आवासीय योजनाओं में प्रत्येक 100 भूखंडों पर 10 अनौपचारिक दुकानों (इन्फॉर्मल शॉप्स) का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भी महत्वपूर्ण स्पष्टता दी गई है। औद्योगिक योजनाओं में विकसित योग्य क्षेत्रफल का न्यूनतम 5 प्रतिशत हिस्सा ईडब्ल्यूएस/एलआईजी आवास हेतु आरक्षित रखना होगा। यदि आवासीय क्षेत्र प्रस्तावित नहीं है, तब भी एक भूखंड आरक्षित करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा मास्टर प्लान, जोनल प्लान अथवा सेक्टर प्लान की सड़कों के विकास, विद्युतीकरण, पेयजल, स्ट्रीट लाइट एवं वृक्षारोपण जैसे कार्य डेवलपर द्वारा कराए जाएंगे, जबकि ट्रंक सीवर लाइन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज जैसे प्रमुख ढांचागत कार्य स्थानीय निकायों द्वारा किए जाएंगे। सरकार ने पॉलिसी में मौजूद कई तकनीकी त्रुटियों और तालिकाओं के संदर्भों को भी संशोधित किया है।

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