विकास और सुशासन से परास्त हो रहा नक्सलवाद, बस्तर में शांति और अवसरों का नया दौर शुरू : पीएम मोदी
बदलते बस्तर की नई तस्वीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक संदेश में कहा है कि नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ सरकार की लड़ाई अब विकास, जनविश्वास और सुशासन की जीत के रूप में सामने आ रही है। जिन इलाकों में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां आज विकास और नई संभावनाओं का दौर शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग सुरक्षा, आजीविका और सम्मान को लेकर चिंतित रहते थे तथा विकास कार्यों का हिंसक विरोध किया जाता था। सड़क निर्माण, संचार सुविधाओं के विस्तार और अन्य परियोजनाओं को बाधित करने के प्रयास होते थे। इसके बावजूद सरकार ने विकास को प्राथमिकता देते हुए हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया, मोबाइल टावर स्थापित किए और दूरस्थ क्षेत्रों तक संचार सुविधाएं पहुंचाईं।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के जरिए लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। यह बदलाव केवल आधारभूत ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों के विस्तार का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने, सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लोकतंत्र में विश्वास मजबूत करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है।
बस्तर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवा खेल, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी इस सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र-राज्य सरकार की समन्वित रणनीति के कारण बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच से लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर की पहचान नक्सली हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सुशासन और विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा।

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