राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: कांग्रेस का भाजपा-आरएसएस पर तीखा हमला, आलोक शर्मा ने कहा- जिन लोगों ने प्रभु श्रीराम को नहीं छोड़ा, वे देश को क्या छोड़ेंगे
निष्पक्ष जांच की मांग
देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने मंगलवार को उत्तराखंड के देहरादून में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "जिन लोगों ने प्रभु श्रीराम को नहीं छोड़ा, वे देश को क्या छोड़ेंगे।" शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार देश के छोटे से छोटे और बड़े से बड़े कार्य का श्रेय स्वयं लेते हैं, इसलिए राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले और चढ़ावे में हुई डकैती की नैतिक जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रभु श्रीराम के नाम पर सत्ता तक पहुंची और अब उसी आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार और लूट का संरक्षण कर रही है। उन्होंने कहा कि आज सनातन धर्म को सबसे बड़ा खतरा बाहरी शक्तियों से नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस की कथित राजनीति और उनके संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार से है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) का उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचना नहीं, बल्कि बड़े लोगों को बचाना और मामले पर पर्दा डालना है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि स्वयं राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ ट्रस्टी चढ़ावे में अनियमितताओं की बात उठा रहे हैं, लेकिन भाजपा और आरएसएस इस गंभीर विषय पर मौन साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की जानकारियां सामने आ रही हैं, उससे यह मामला अत्यंत गंभीर और व्यापक प्रतीत होता है। इससे पूर्व भी ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर भूमि खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगे थे, लेकिन उन मामलों में गठित जांच समितियों की कार्रवाई का परिणाम आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े एक इंजीनियर द्वारा 40 प्रतिशत कमीशनखोरी के आरोप लगाए गए थे तथा जो लोग इन मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रहे थे, उन्हें ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जांच भी केवल लीपापोती कर बड़े मगरमच्छों को बचाने का प्रयास प्रतीत होती है।
शर्मा ने सवाल उठाया कि देशभर में भाजपा और आरएसएस के भव्य एवं महलनुमा कार्यालयों के निर्माण में कहीं राम मंदिर के नाम पर जुटाई गई धनराशि अथवा चढ़ावे के धन का दुरुपयोग तो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है। उन्होंने पार्टी की ओर से उन्होंने मांग की कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए, कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं, मंदिर से संबंधित सभी बैंक खातों का विवरण तथा सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान (सिटिंग) न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराई जाए। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, देहरादून के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, मनोज सैनी, देवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

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