शिक्षा के सारथी : पुरस्कार राशि से संवारा स्कूल, मैदान में तैयार की कबड्डी सितारों की फौज
पटियाला से लेकर प्रदेश तक गरज रहे इनके तराशे हुए खिलाड़ी
हौंसलों की ऊंची उड़ान : पीटीआई जगदीश आर्य ने बदली सरकारी स्कूल की सूरत ।
कोटा। एक शिक्षक की असली सफलता क्लासरूम की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह उन सपनों में बसती है जिन्हें वह एक छोटे से गाँव के खेल मैदान में सींचता है। कोटा के सुल्तानपुर ब्लॉक के जगदीश प्रसाद आर्य शारीरिक शिक्षक ऐसे ही नाम हैं, जिन्होंने सरकारी स्कूल के साधारण से मिट्टी से मेट तक दर्जनों राज्य स्तरीय खिलाड़ी निकाल दिए। खुद मिट्टी से जुड़े रहे जगदीश प्रसाद आर्य जी ने न केवल बच्चों के हाथों में कबड्डी की बारीकियां थमाईं, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई और सम्मान की राशि तक स्कूलों मे बालिकाओं के बैठने के लिए फर्नीचर बनाया एवं भामाशाह के सहयोग से कमरों का निर्माण कराया । आज जब उनके तराशे हुए खिलाड़ी पंजाब के पटियाला राष्ट्रीय खिलाडी से लेकर राज्य के बड़े मैदानों में गरजते हैं, तो वह जीत जगदीश प्रसाद आर्य जी के 22 सालों के उस निस्वार्थ तप की झलक लगती है, जिसकी शुरूआत 2002 में एक छोटे से विद्यालय से हुई थी।
राज्य स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले जगदीश प्रसाद आर्य ने बताया कि बीपीएड (शारीरिक शिक्षा स्नातक) करने के बाद वर्ष 2002 में उन्होंने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, पडासलिया (ब्लॉक सुल्तानपुर) में शारीरिक शिक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े होने के कारण उनकी रुचि शुरू से ही कबड्डी में थी और वे स्वयं भी कबड्डी के राज्य स्तरीय खिलाड़ी रहे हैं।
तैयार की कबड्डी खिलाड़ियों की फौज
शिक्षण कार्य के दौरान उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को कबड्डी सहित अन्य खेलों के प्रति जागरूक किया। उनके मार्गदर्शन में अब तक पांच दर्जन से अधिक विद्यार्थी राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। उनके एक विद्यार्थी ने आॅल इंडिया कबड्डी प्रतियोगिता (पटियाला, पंजाब) में राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे हिस्सा लेकर क्षेत्र का नाम रोशन किया, वहीं एक छात्र आज स्वयं शारीरिक शिक्षक बनकर अपनी सेवाएँ दे रहा है। वर्ष 2016 से 2024 तक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, निमोदा हरिजी की छात्रा कबड्डी टीम जिला स्तर पर लगातार प्रथम स्थान पर रही। वर्तमान में वे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, खेड़ली महाद्धीत सुल्तानपुर में कार्यरत हैं, जहाँ से सत्र 2026-27 मे कबड्डी छात्र टीम जिलास्तर पर रा. उ. प्रा वि रथ काकरा लेकर गए जहाँ एक छात्र का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन हुआ है।
निजी कोष से प्रोत्साहन और विद्यालय विकास का संकल्प
आर्य ने बताया कि वे बीते 15-16 वर्षों से विद्यालय में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने वाले मेधावी छात्रों को अपने निजी कोष से नकद राशि भेंट कर प्रोत्साहित कर रहे हैं। यही नहीं, उन्हें ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर सम्मान स्वरूप जो भी नकद पुरस्कार राशि प्राप्त हुई, उसे उन्होंने छात्रहित में विद्यालय के फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च कर दिया। बालिका निमोदा हरिजी विद्यालय में उनके प्रयासों से नामांकन में भी भारी वृद्धि हुई।
भामाशाहों का सहयोग और पर्यावरण संरक्षण
उन्होंने भामाशाहों को प्रेरित कर विद्यालयों में लाखों रुपये की लागत से कमरों का निर्माण करवाया और फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की। पर्यावरण के प्रति जागरूक जगदीश आर्य ने स्कूल परिसर में अपने खर्च पर दो दर्जन से अधिक छायादार वृक्ष लगाए और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड भी लगवाए।
मुख्यमंत्री के हाथों मिला राज्य स्तरीय सम्मान
उनके इसी अद्वितीय समर्पण भाव को देखते हुए वर्ष 2023 में जयपुर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री डॉ. बुलाकी दास (बी.डी.) कल्ला, विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री जाहिदा खान और शिक्षा सचिव नवीन जैन ने उन्हें 'राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार' से नवाजा। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी सरकारी शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद व्यवस्था बदलने का जज्बा रखते हैं।

Comment List