बंगाल में ममता राज खत्म, भाजपा शासन शुरू: राजतिलक की तैयारी..आ रहे है अधिकारी, कल ब्रिगेड परेड़ मैदान में होगा शपथ ग्रहण समारोह
शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के नए मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल में 15 साल का टीएमसी शासन समाप्त हुआ। भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री नियुक्त कर इतिहास रच दिया है। ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी पद संभालेंगे। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार का उदय राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा उलटफेर है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कौन होगा सीएम, अब इस बात से पूरी तरह पर्दा हट चुका है और भाजपा नेतृत्व में शुभेंदु अधिकारी को राज्य का सीएम नियुक्त किया हैं। इसके अलावा राज्य में 2 डिप्टी सीएम भी होंगे, जिसमें से एक उपमुख्यमंत्री की कमान महिला को सौंपी जाएगाी। बंगाल में देश की आजादी के बाद यह पहली बार है, जब राज्य में भाजपा शासन करेगी। उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ा था और ममता को करीब 16,000 वोटों से हराया था। ममता बनर्जी पिछले 15 साल से बंगाल में शासन कर रही थी इस दौरान बनर्जी तीन राज्य की सीएम रही।
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधानसभा सदस्यों ने शुभेदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना है। यह घोषणा पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं गृह मंत्री अमित शाह ने यहां शुक्रवार को विधायक दल की बैठक के बाद की। अमित शाह ने कहा कि विधायक दल की आज हुई बैठक में विधान मंडल दल के नेता के नाम पर कल 08 प्रस्ताव और अनुमोदन प्राप्त हुए थे और ये सभी प्रस्ताव शुभेदु अधिकारी के पक्ष में थे। नवनिर्वाचित सदस्यों को दूसराे नाम का सुझाव देने के लिए भी पर्याप्त समय दिया गया लेकिन कोई अन्य नाम नहीं आया।
अमित शाह ने कहा, "इसके आधार पर मैं शुभेदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता घोषित करता हूं।" इस तरह शुभेदु अधिकारी का राज्य का नया मुख्यमंत्री बनना तय है। परंपरा के अनुसार उनके नेतृत्व में पार्टी राज्यपाल के समक्ष नयी सरकार के गठन का दावा करेगी। पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार का गठन किया जा रहा है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए अमित शाह के अलावा मोहन चारण माझी को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में कोलकाता भेजा था। शुभेदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुने जाने का वहां उपस्थित भाजपा के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया।
भाजपा ने चुनाव जीत कर टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया। शुभेंदु अधिकारी भाजपा की जीत के सबसे बड़े चहरे बनकर उभरें, उन्होंने ममता को नंदीग्राम से उनकी परंपरागत सीट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। शुभेंदु अधिकारी ने 1998 में ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थापना के बाद कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हो गए। वे टीएमसी के शुरुआती सदस्यों में से एक थे। 2006 में पहली बार विधायक बने – कांथी दक्षिण (साउथ कंटाई) सीट से। उसी वर्ष वे कांथी नगर पालिका के चेयरमैन भी बने। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर जमीनी काम किया, जो बाद में उनकी ताकत बना। 2020 के अंत में टीएमसी के अंदर गुटबाजी बढ़ी। अभिषेक बनर्जी के साथ तनाव और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों ने सुवेंदु को पार्टी से दूर किया। नवंबर 2020 में उन्होंने परिवहन मंत्री और होगली ब्रिज कमीशन के पद से इस्तीफा दिया। 17 दिसंबर 2020 को टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी और 19 दिसंबर को भाजपा जॉइन कर ली। यह बंगाल राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर था।

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