बंद मकान में मिला सरकारी टीचर का शव, हार्ट अटैक की आशंका
दुर्गंध आने पर पड़ोसियोंं ने पुलिस को बुलाया
बंद मकान से एक सरकारी टीचर की बॉडी मिली है, बताया जा रहा है कि टीचर की मौत संभवतया हाई अटैक से दो दिन पूर्व मौत हो चुकी थी। मकान से बदबू आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को बुलाया। मकान का मेन गेट खुलवा पुलिस अंदर पहुंची तो एक कमरे में बेड पर बॉडी पड़ी हुई मिली।
पाली। सदर थाना क्षेत्र के दयालपुरा गांव में किराये के बंद मकान से एक सरकारी टीचर की बॉडी मिली है, बताया जा रहा है कि टीचर की मौत संभवतया हाई अटैक से दो दिन पूर्व मौत हो चुकी थी। मकान से बदबू आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को बुलाया। मकान का मेन गेट खुलवा पुलिस अंदर पहुंची तो एक कमरे में बेड पर बॉडी पड़ी हुई मिली।बंद मकान से एक सरकारी टीचर की बॉडी मिली है, बताया जा रहा है कि टीचर की मौत संभवतया हाई अटैक से दो दिन पूर्व मौत हो चुकी थी। मकान से बदबू आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को बुलाया। मकान का मेन गेट खुलवा पुलिस अंदर पहुंची तो एक कमरे में बेड पर बॉडी पड़ी हुई मिली।एसआई किशनाराम विश्नोई ने बताया, टीचर की पहचान मुकेश (40) पुत्र गोपाल मीणा के रूप में हुई है। मृतक मूल रूप से टोंक जिले के रेहड़ (निवाई) का निवासी था और पिछले 3 साल से दयालपुरा (पाली) में किराए के मकान में अकेला रह रहा था। वह गांव के राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय उच्च माध्यमिक संस्कृत स्कूल में टीचर था।
ग्रामीणों के अनुसार, मुकेश 10 अप्रैल को स्कूल गया था। 11 और 12 अप्रैल को स्कूल की छुट्टी होने से वह घर से बाहर नहीं निकला। 12 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे जब पड़ोसियों को घर की ओर से बदबू आई, तब जाकर पुलिस को बुलाया गया। शव दो से तीन दिन पुराना होने के कारण गलने लगा था और उससे तेज दुगंर्ध आ रही थी। पुलिस ने बताया, मकान अंदर से पूरी तरह लॉक था, जिससे किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। परिजनों से मिली जानकारी अनुसार, मुकेश लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रहा था।
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