भारत-सऊदी अरब में बड़ी डिफेंस डील
गोले की खरीद को लेकर बड़ा समझौता किया है
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में फंक्शनल ऑटोनमी और इफिशिएंसी बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने 11 अक्टूबर 2021 से इसे 41 इकाइयों के साथ 7 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में विभाजित कर दिया था।
रियाद। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच भारत के हाथ बड़ी डिफेंस डील लगी है। सऊदी अरब ने रियाद डिफेंस के दौरान भारत से 155एमएम तोपखाने के गोले की खरीद को लेकर बड़ा समझौता किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह कॉन्ट्रैक्ट भारतीय रक्षा निर्माता म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड को मिला है, जिसकी कीमत 225 मिलियन डॉलर है। इसे पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि सऊदी अरब अब तक डिफेंस डील के लिए अमेरिका के अलावा पाकिस्तान पर निर्भर रहा है। यह भारत के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड या उसके उत्तराधिकारी कंपनियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा ज्ञात ऑर्डर है। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में फंक्शनल ऑटोनमी और इफिशिएंसी बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने 11 अक्टूबर 2021 से इसे 41 इकाइयों के साथ 7 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में विभाजित कर दिया था।
यूएई भी भारत से खरीदता है तोप के गोले
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से 2017 और 2019 में संयुक्त अरब अमीरात ने भी क्रमश 40 हजार और 50 हजार 155 मिमी तोपखाने के गोले खरीदे थे। 2017 में ऑर्डर का मूल्य लगभग 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 2019 में 46 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड ने सोशल मीडिया पर इस कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा की है। एमआईएल भारतीय रक्षा मंत्रालय की सहायक कंपनी है। यह 155 मिमी, 105 मिमी और 125 मिमी के गोला-बारूद की एक विस्तृत श्रृंखला को बनाती है। तोपखाने के अलावा यह कंपनी कई अन्य सैन्य उपयोगों के लिए गोला-बारूद प्रदान करती है।

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