कलेक्टर ने पढ़ाया पाठ और बोली कविताएं

बाड़मेर कलक्टर अध्यापक की भूमिका में आंगनवाड़ी पर जाकर बच्चों को पढ़ाया

कलेक्टर ने पढ़ाया पाठ और बोली कविताएं

कलेक्टर ने सवेरे बायतु ब्लॉक के माधासर एवं बालोतरा के दूधवा में आंगनवाड़ी पाठशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओ को देखने के बाद बच्चों के साथ दरी पर नीचे बैठ कर उनका शिक्षा का स्तर जाँचा एवं उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

बाड़मेर। कलेक्टर लोकबंधु के नवाचार मिशन सुरक्षा चक्र की बदौलत अब कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त बाड़मेर का सपना साकार होने जा रहा है। जिला कलेक्टर लोक बंधु ने मिशन सुरक्षा चक्र के अंर्तगत कुपोषण, अतिकुपोषण एवं एनीमिया रोगियों के उपचार का जायजा लेने आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य केंद्रों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने सवेरे बायतु ब्लॉक के माधासर एवं बालोतरा के दूधवा में आंगनवाड़ी पाठशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओ को देखने के बाद बच्चों के साथ दरी पर नीचे बैठ कर उनका शिक्षा का स्तर जाँचा एवं उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने स्लेट लेकर बालिका नेहा से गिनती पूछी एवं उसको खिलोने देकर खेलों के बारे में रुचि जानी। यह बालिका मिशन सुरक्षा चक्र के जरिए कुपोषण से मुक्त हुई थी। इसी तरह जिला कलेक्टर ने दुधवा के आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर कार्यकर्ता से इस अभियान में वितरित किए जाने वाले न्यूट्रिशन के बारे में जानकारी ली। दूधवा में ही जिला कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओ की जानकारी ली। यहां पर मिशन सुरक्षा चक्र के नियमित उपचार की बदौलत गर्भवती महिला राधा का रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर 8 से 11 हो गया। उन्होंने अभियान में काम कर रही एएनएम एवं आशा सहयोगीनी से जानकारी ली। भ्रमन के दौरान उपखंड अधिकारी नरेश सोनी, आईसीडीएस उपनिदेशक प्रह्लाद सिंह राजपुरोहित, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चन्द्र शेखर गजराज, यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ पंकज सुथार साथ थे। 

अध्यापक की भूमिका में-शनिवार को जिले भर में एक फोटो सोशियल मीडिया पर जमकर वायरल होना भी लाजमी था। जब जिले के प्रशासनिक मुखिया वीआईपी चैयर को छोड़कर साधारण दरी पट्टी पर आंगनवाड़ी केन्द्र पर एक अध्यापक की तरह बच्चों को स्लेट पर काम देते हुये दिखाई दे रहे थे। उनकी इस साधारण शैली और अपनायत की भावना से हर कोई प्रभावित हुआ। पूरे जिलेभर में इस सादगी की प्रशंसा हो रही थी। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के साथ रहकर अपना बचपन याद कर खुश नजर आये। बच्चे भी हुये खुश-जिले के प्रशासनिक मुखिया जिनका नाम महज सुना था, उन्हें आज अपने बीच पाकर आंगनवाड़ी केन्द्र के बच्चों सहित आस-पास के लोग भी बेहद खुश नजर आये। ग्रामीणों के चेहरों पर एक अलग ही खुशी की आभा नजर आ रही थी। कलक्टर ने पढ़ाया पाठ और बोली कविताएं-आंगनवाड़ी केन्द्र पर करीब एक घण्टे तक जिला कलक्टर लोकबन्धु अध्यापक की भूमिका में रहे। इस दौरान उन्होंने बच्चों को हिन्दी और अंग्रेजी में स्लेट पर वर्णमाला लिखी। वहीं आलू कचालू कहां गये थे... सहित अन्य कई मनोरजंक कविताएं बोलकर बच्चों को मंत्र मुग्ध कर दिया।

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