केन्द्र सरकार ने जारी की स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग

केन्द्र सरकार ने जारी की स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग

केन्द्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग जारी कर दी है। राजस्थान के एक भी शहर को टॉप 30 में भी जगह नहीं मिली है।

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग जारी कर दी है। राजस्थान के एक भी शहर को टॉप 30 में भी जगह नहीं मिली है। इंदौर पांचवीं बार पहले पायदान पर रहा है, जबकि राजधानी जयपुर की रैंकिंग में एक साल में गिरावट आई है। नगर निगम हैरिटेज जयपुर 32वें एवं नगर निगम ग्रेटर जयपुर को 36वीं रैंक मिली है। सबसे स्वच्छ शहरों में दूसरे स्थान पर सूरत और तीसरा स्थान विजयवाड़ा ने प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य घोषित किया गया, जबकि सर्वेक्षण में वाराणसी को स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। राजस्थान के डूंगरपुर ने जोनल रैंकिंग में वेस्ट जोन में देशभर में 25 से 50 हजार आबादी वाली कैटेगरी में तीसरा स्थान हासिल किया।

डूंगरपुर राजस्थान का एकमात्र शहर रहा, जिसे क्लीनेस्ट सिटी का अवार्ड मिला। राजस्थान से जयपुर हैरिटेज 32वें, जोधपुर नॉर्थ 35वें, जयपुर ग्रेटर 36वें और कोटा 48वें रैंक पर रहा। वहीं एक से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों में शुमार अजमेर को स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में 168 वी रैंक मिली है। पिछले साल 2020 में अजमेर की 178वीं तथा 2019 में 266वी रैंक थी। नगर निगम टॉप 100 में शामिल करने के लिए प्रयासरत था, लेकिन पिछले साल के मुकाबले 10 रैंक का सुधार ही हो पाया।

जोधपुर साउथ को 126 रैक
जोधपुर साउथ 126, अजमेर 168, सीकर 186 और पाली 199 रैंक पर रहा। इस कैटेगरी में टॉप-5 में नई दिल्ली के बाद अम्बिकापुर दूसरे, तिरूपति तीसरे, नोएडा चौथे और उज्जैन पांचवें स्थान पर रहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और गांधी की इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया। उल्लेखनीय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण देश भर के शहरों और कस्बों में स्वच्छताए स्वच्छता और स्वच्छता का एक वार्षिक सर्वेक्षण है। इसे 2016 में केन्द्र के के स्वच्छ भारत अभियान के हिस्से के रूप में लांच किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत को स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त बनाना है। सर्वेक्षण के छठे संस्करण स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में कुल 4320 शहरों को शामिल किया गया।

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300 करोड़ खर्च करने के बाद भी टॉप दस में भी शामिल नहीं हो सका जयपुर
जयपुर सफाई पर 300 करोड़ खर्च करने के बाद भी टॉप दस में भी शामिल नहीं हो सका है, जबकि इंदौर 225 करोड़ खर्च करने के बाद ही टॉप रहा है। इंदौर ने 5618.14 अंक मिले, जबकि जयपुर हैरिटेज को 3482 और ग्रेटर को 3327 अंक मिले है। साल 2020 में जयपुर नगर निगम के दो विभाजन होने से पहले जयपुर नगर निगम की साल 2020 में रैंक 28वीं थी।  

 

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