कोटा उत्तर वार्ड 11- साढ़े छह हजार की आबादी, मूलभूत सुविधाओं से वंचित

29 कॉलोनियों के लोग सीवरेज के गड्ढे नहीं भरने हो रहे परेशान

कोटा उत्तर वार्ड 11- साढ़े छह हजार की आबादी, मूलभूत सुविधाओं से वंचित

महात्मा गांधी कॉलोनी की ढाई-तीन हजार के करीब आबादी हैं। सबसे मुख्य समस्या यह है कि यहां सुलभ शौचालय नहीं होने से लोगों परेशानी हो रही है। सात माह पूर्व खोदी सीवरेज लाइन के गड्ढे अभी तक नहीं भरे, पूरी सड़क टूटी हुई है।

कोटा। शहर के कोटा उत्तर की वार्ड 11 में निवास करने वाले छह हजार से अधिक लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो रहे है। सीवरेज लाइन के लिए खोदी सड़के अभी तक नहीं बनने से वाहनधारी आए दिन चोटिल हो रहे है। वहीं कॉलोनियों में नियमित सफाई नहीं होने नालिया जाम हो रही हैै। सबसे ज्यादा परेशानी महात्मा गांधी कॉलोनी, खारी बावड़ी, सुमन नगर, पार्वतीपुरम, शिवालय विहार ,जीबी विहार, रेल विहार  क्षेत्र हो रही है। यहां नियमित सफाई नहीं होने से नालियां कचरे से अटी पड़ी है। वार्डवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। वार्ड में मलबा, जर्जर सड़कों पर सीवरेज गड्ढे व सार्वजनिक सुलभ शौचालय की सफाई नहीं होने लोग परेशान हो रहे है। वार्डवासियों ने बताया कि  महात्मा गांधी कॉलोनी की अनुमानित ढाई-तीन हजार के करीबन आबादी हैं । यहां जो सबसे मुख्य समस्या यह है कि यहां सुलभ शौचालय नहीं होने से लोगों परेशानी हो रही है। सात माह पूर्व खोदी सीवरेज लाइन के गड्ढे अभी तक नहीं भरे पूरी सड़क टूटी हुई है। 

पार्वतीपुरम नहीं हैं सफाईकर्मी
वार्ड 11 में करीब 29 से अधिक कॉलोनियां आती है लेकिन यहां गिनती के 18 सफाई कर्मचारी है। ऐसे में कई कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। प्पार्वतीपुरम में सफाई कर्मचारी नहीं लगा होने से यहां के लोगों अपने स्तर पर सफाई कर्मी लगा रखा जिसका खर्च वार्डवासी सामूहिक रूप से रुपए जमा कर उठा रहे है। पार्षद से कई बार शिकायत की लेकिन पार्षद का कहना  है कि यहां सफाई कर्मी कम होने से नियमित सफाई में परेशानी हो रही है। एक दिन छोड़कर एक दिन एक कॉलोनी की सफाई कराई जा रही है। मोहल्लेवालों ने बताया कि हर घर से सौ रुपए जमा कर सफाई कर्मी लगा रखा उसी से सफाई कराई जा रही है। जबकि निमम को सफाई करानी चाहिए।  पार्वतीपुरम में गुजरने वाली 33 केवी लाइन यहां निवास करने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। लाइन से हर समय करंट का खतरा रहता है। 33 केवी लाइन कई घरों के पास से गुजर रही है। ऐसे में लोगों छत पर जाने से भी डर लगता है। कई बार विद्युत निगम को लाइन शिफ्ट करने के लिए लिखित में शिकायत की जा चुकी है उसके बावजूद अभी लाइन नहीं हटाई गई। 

तीन घंटे ही आता नल 
सुमन नगर में महिलाओं बताया कि इस पेयजल की  सबसे बड़ी समस्या है। जलदाय विभाग की और से तीन घंटे ही पानी की सप्लाई की जाती है। वो भी सुबह 5 बजे से 8 बजे तक वह भी कम दबाव की। सर्दी में जल्दी उठकर पानी भरना पड़ता है। महिलाओं ने कहा की पानी की सप्लाई सुबह शाम कर दी जाए तो राहत मिलेगी। अन्य कॉलोनियों में तो 24 घंटे पानी की सप्लाई होती है। सुमन नगर में ही मात्र तीन घंटे जलापूर्ति होती है। जिससे वार्डवासियों को पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ना है। लोगों पानी के लिए टैंकर डलाने पड़ते है। 

नहीं आते टिपर कचरा रोड पर डालना पड़ता
सुमन नगर में नियमित रूप से टिपर नहीं आने से लोग सड़को और खाली प्लाट में कचरा डालते है जिससे मच्छर पनप रहे है। मुख्य मार्ग पर जगह जगह कचरे के ढेÞरे लगे हुए है। कचरा डिपो से नियमित कचरा नहीं उठता है। सुमन नगर के एक निवासी भुरिया मेघवाल ने बताया कि मेरे चार बच्चे हैं,रहने को एक टीन सैड का मकान हैं न हमारे यहां शौचालय है। पूरा परिवार गरीबी से जुझ रहे है। आज तक किसी ने हमें बीपीएल (चयनित) में नहीं लिया।  सरकारी सुविधा के नाम पर गेंहूं तो जरूर मिलते है बाकी गरीबी रेखा में आने वालो को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए उनसे हम आज तक महरूम हैं। चार बच्चें,बुढे माता-पिता सबका भार मुझ पर है मैं मजदूरी करके सबका पेट भरने को मजबुर हूं। दुसरा मेरे तीन बच्चियां व एक बच्चा है तो यह हमारे मोहल्ले में 12वीं तक जो सरकारी स्कू ल हैं  वहां बच्चों को पढाने लिऐ वहां के प्रधानाचार्य मेरे एक भी बच्चें का प्रवेश नहीं ले रहे कहते हैं यह छह-छह साल के हो गऐ हम इनका एडमिशन नहीं लेगें। अब यह बच्चें यहां स्थित आंगबाड़ी में जाते हैं थोड़ी देर बाद घर आकर मोहल्लें में इधर-उधर भटकते रहते हैं। 

महात्मा गांधी कॉलोनी में नहीं है पार्क 
महात्मा गांधी कॉलोनी में सुलभ शौचालय नहीं ना ही वार्ड में बच्चों को खेलने के लिए कोई पार्क है। वार्ड में सड़के उखड़ी हुई है। सीवरेज लाइन तो डाल दी लेकिन सड़क अभी तक नहीं बनी है। वार्ड में सामुदायिक भवन नहीं होने से लोगों महंगे मैरिज गार्डन में जाना पड़ता है। लोगों ने वार्ड में सामुदायिक भवन बनाने की मांग लंबे समय से कर रहे है। 
- विक्की सिंह राठौड स्थानीय वार्ड वासी

पार्वतीपुरम वार्ड में एक तो सफाई कर्मी की समस्या है दूसरी  33 केवी लाइन से वार्डवासियों भारी परेशानी हैं इसे यहां से हटवाकर अन्यत्र शिफ्ट करवा दी जाऐ तो हमें परेशानी से निजात मिल जाएगी।
- महावीर प्रसाद, वार्डवासी

सुमन नगर में पेयजल को लेकर भारी समस्या है। नल सवेरे 5 से 8 तक ही आते हैं, इसका समय थोड़ा दिया जाय तो पेयजल को लेकर हमारी दिक्कत दूर हो जाएगी। वार्ड में नियमित सफाई के लिए कर्मचारी लगाए। 
- वर्षा प्रजापति, वार्डवासी

वार्ड 11 में 29 कॉलोनियां व साढेÞ छह हजार की आबादी पर मात्र 18 निगम सफाई कर्मी लगा रखे तो ऐसे में साफ-सफाई को लेकर हालात ठीक न होना स्वभाविक हैं। इसको लेकर मैनें निगम में महापौर को कई बार लिखित में दिया हैं मेरे वार्ड में सफाई कर्मी बहुत कम हैं आबादी को देखते हुऐ सफाई कर्मी बढाने की मांग की है।  निगम अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी चल रही है, सफाई कर्मी बढ़ते ही सबसे पहले आपके वार्ड को दिए जाएंगे। वार्ड में सड़क व नाली निर्माण चल रहा है। जल्दी ही वार्डवासियों को गड्ढों से निजात मिल जाएगी। 
- रचना शर्मा, पार्षद वार्ड 11 कोटा उतर

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