लापरवाह अफसर होंगे बर्खास्त : गहलोत

पूरे देश में लागू हो राइट टू हेल्थ स्कीम और ओपीएस

लापरवाह अफसर होंगे बर्खास्त : गहलोत

गहलोत ने कहा कि आने वाले बजट में युवाओं, छात्रों और महिलाओं पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। यह बजट विधानसभा में आठ फरवरी को पेश किया जाएगा।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लापरवाह और गैर जिम्मेदार अफसरों तथा कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा। गहलोत ने मंगलवार को यहां ओटीएस में दो दिवसीय चिंतन शिविर के समापन के बाद पत्रकारों को बताया कि ऐसे अफसर और कर्मचारी जिनकी लापरवाही की वजह से जनता को उसके हित की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा, उनको बर्खास्त किया जाएगा। 

हमारी सरकार का मकसद है कि जनता को अच्छी योजनाओं का लाभ मिले। कोई भी पात्र व्यक्ति उनसे वंचित नहीं रहे। हमारी मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना और पुरानी पेंशन स्कीम जैसी सभी अच्छी योजनाओं की देशभर में तारीफ हो रही है। हम जल्द ही राइट टू हेल्थ एक्ट ला रहे हैं। हम चाहते हैं कि यह एक्ट पूरे देश में लागू हो, जिससे सभी को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। इस एक्ट को देशभर में लागू करने के लिए हमारी कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित किया है। उसे जल्द ही केन्द्र को भेजा जाएगा। हमारी ओपीएस योजना को पंजाब, हिमाचल और झारखंड सहित अन्य राज्यों ने भी लागू किया है। यहीं नहीं दिल्ली हाईकोर्ट तथा मानवाधिकार आयोग ने भी इसे सराहा है। एनपीएस से कर्मचारी एकदम असुरक्षित हो गए। वे भविष्य को लेकर चिन्तित हैं। केन्द्र सरकार को इन योजनाओं को पूरे देश में लागू करना चाहिए। राजस्थान पहला राज्य है, जिसने एफआईआर को अनिवार्य किया। हमारे इस कदम से अपराधों में पांच फीसदी कमी आई है। कोर्ट के इस्तगासों के जरिए होने वाली एफआईआर की संख्या मात्र 13 फीसदी रह गई, जो चार साल पहले 33 प्रतिशत थी। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में रात 12 बजे बाद कोई भी क्लब और बार नहीं खुलेंगे। शराब की दुकानें भी रात आठ बजे बाद नहीं खुलेंगी। इसके लिए संबंधित एसएचओ की जवाबदेही तय की गई है। 
गहलोत ने कहा कि आने वाले बजट में युवाओं, छात्रों और महिलाओं पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। यह बजट विधानसभा में आठ फरवरी को पेश किया जाएगा। विधानसभा का बजट सत्र 23 जनवरी से शुरू हो रहा है।

विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं
गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। विपक्ष के सदस्य बिना प्रमाण के आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष के लोग केन्द्र की ओर से जारी आंकड़ों तक को नहीं देखते हैं। दो दिन के इस चिंतन शिविर में हर विभाग के सभी मुद्दों पर खुलकर बातें हुई हैं। कई तरह की आशंकाएं दूर हुई। इस शिविर के बेहतर परिणाम सामने आएंगे। प्रदेश की एसीबी शानदार काम कर रही है। भ्रष्टाचारियों पर सबसे ज्यादा छापों की कार्रवाई राजस्थान में हो रही है। 

नकल एवं पेपर लीक प्रकरणों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में पेपर लीक हो रहे है और पहले भी होते आए हैं, लेकिन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई किसी ने भी नहीं की। हमारी सरकार ने युवाओं के बारे में सोचते हुए परीक्षाएं रद्द की। पेपर लीक करने वाले गिरोह को पकड़ा। उनके यहां तोड़फोड़ की। यहीं नहीं हमने ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए कानून भी बनाया। राजस्थान देश का पहले राज्य है, जिसने यह कानून बनाया। 

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