ब्लड सेपरेशन यूनिट बंद होना कोढ़ में खाज बना

डेंगू डरा रहा...अब तक 3 की मौत और 18 डेंगू पॉजिटिव

ब्लड सेपरेशन यूनिट बंद होना कोढ़ में खाज बना

जिला अस्पताल में प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।

बून्दी। मच्छर जनित बीमारियों के कारण बून्दी सहित सम्पूर्ण हाड़ौती में हालात बदतर हो रहे हैं। धीरे-धीरे डेंगू बुखार बून्दी जिले में तेजी से पैर पसार रहा हैं। पिछले दिनों बून्दी जिले के तीन डेंगू के मरीजों की मौत हो चुकी हैं। जिले में 18 डेंगू पॉजिटिव आ चुके है। हालांकि विभाग इनकी एलाइजा रिपोर्ट के इंतजार में हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में दो ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट उपलब्ध हैं। जिनका उपयोग इनके संचालन के लाइसेंस के इंतजार के कारण नहीं हो पा रहा है। वहीं ब्लड बैंक का लाइसेंस भी लंबे समय से रिनेवल नहीं हो पाने से सेपरेशन यूनिट का भी काम अटका हुआ था। 

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. कमलेश शर्मा के अनुसार जिले में 18 डेंगू पॉजिटिव और 19 स्क्रब टाइफस के रोगी उपचाराधीन हैं। जिनकी नियमित मॉनिटरिंग और देखरेख की जा रही हैं। वहीं गांव-गांव में जागरुकता गतिविधियों द्वारा बचाव की जानकारी दी जा रही है। जिला अस्पताल में डेंगू संभावित कई रोगी भर्ती हैं। लेकिन जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाएं व्याप्त होने से मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा हैं। डेंगू रोग में देखा गया हैं कि डेंगू रोगी की प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगती है। ऐसे में रोगी की प्लेटलेट्स बढ़ाने के प्रयास किए जाते है और एसडीपी प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाई जाती हैं। लेकिन जिला अस्पताल में प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। डेंगू रोगी के लिए आवश्यक प्लेटलेट्स मानव रक्त से ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के माध्यम से प्राप्त की जाती है। इस यूनिट के द्वारा मानव रक्त से पी-आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स को अलग-अलग कर जरूरत के मुताबिक रोगियों को दिया जाता है।

2 वर्ष पहले विधायक कोष से मिली थी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक में लंबे समय से ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की मांग की जा रही थी, जिससे ब्लड बैंक में होने वाले स्वैच्छिक रक्तदान व रक्तदान शिविरों में प्राप्त रक्त से पी-आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स को अलग-अलग कर जरूरत के मुताबिक रोगियों को उपलब्ध करवाया जाता है। ऐसे में रक्त की कमी से जूझ रहे ब्लड बैंक को राहत देने और अधिक से अधिक रोगियों को लाभान्वित करेन के लिए 2 वर्ष पहले बूंदी विधायक अशोक डोगरा द्वारा विधायक कोष से 45 लाख की लागत से जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट उपलब्ध करवाई गई थी।

ब्लड सेपरेशन मशीन चालू करवाने को लेकर दिया ज्ञापन
डेंगू के मरीजों को उपचार के लिए एसडीपी प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाने के लिए ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को शुरू करवाने को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मानव सेवा समिति के अध्यक्ष राजेश खोईवाल ने बताया कि ब्लड सेपरेशन मशीन चालू करवाने के लिए 2 वर्षों से निरंतर जिला कलेक्टर सहित पीएमओ व सीएमएचओ को अवगत करवाने के बावजूद जिला चिकित्सालय प्रशासन अपने कानों में हुई डालकर मरीजों की मौते होने का इंतजार कर रहा है। सेपरेशन यूनिट शुरू होने से जिला चिकित्सालय में भर्ती होने वाले मरीजों को कोटा जाकर उपचार नहीं करवाना पड़ेगा और आने-जाने के बीच में लगने वाले समय के अंतराल में होने वाली मौत से भी मरीजों को बचाया जा सकेगा। खोईवाल ने जल्द ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट चालू होने की स्थिति में जिला चिकित्सालय प्रशासन का विरोध प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में सूरज राठौर, सोनू दंगोरिया, रवि कुमार, शंकर पहाड़िया, मुकेश वर्मा, रमेशचंद्र आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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यूनिट को लाइसेंस का इंतजार
ब्लड बैंक में दो ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट उपलब्ध हैं। जिनका उपयोग इनके संचालन के लाइसेंस के इंतजार के कारण नहीं हो पा रहा है। वहीं ब्लड बैंक का लाइसेंस भी लंबे समय से रिनेवल नहीं हो पाने से सेपरेशन यूनिट का भी काम अटका हुआ था। पिछले जून माह में ब्लड बैंक के संयुक्त निरीक्षण में कुछ कमियां बताई गई थी। जिनको पूर्ण कर भिजवा दिया है। वहीं ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के लाइसेंस की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। 
- डॉ. ऋषि कच्छावा,ब्लड बैंक प्रभारी बूंदी

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बून्दी ब्लड बैंक के लाइसेंस रिनूवल और ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी कर राज्य सरकार को भिजवा दी गई हैं। जल्दी हीं इनके लाइसेंस उपलब्ध हो जाएंगे।
 - प्रहलाद मीणा, सहायक औषधि नियंत्रक कोटा

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अभी जिले में 18 डेंगू पॉजिटिव व 19 स्क्रब टाइफस के रोगी उपचाराधीन है। पिछले दिनों कोटा के अस्पतालों में बूंदी के 3 डेंगू संभावित रोगियों की मौत हुई हैं, जिनकी एलाइजा रिपोर्ट मंगवाई जा रही है। वहीं ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को पीएमओ और उच्चाधिकारियों से चर्चा कर शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा। जल्दी ही इनके लाइसेंस मिलने की संभावना है।
- डॉ. कमलेश शर्मा, डिप्टी सीएमएचओ

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