दवा से 5 फीसदी जीएसटी हटाये सरकार

विक्रय प्रतिनिधियों का अधिवेशन आयोजित

 दवा से 5 फीसदी जीएसटी हटाये सरकार

दवा विक्रय प्रतिनिधियों के संगठन एफएमआरएआई के तीन दिवसीय 26वें अखिल भारतीय अधिवेशन की शुरूआत 10 मार्च गरुवार को कोटा में हुई। सम्मेलन में तय किया गया कि दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी खत्म करने के लिये आंदोलन तेज किया जायेगा जीडीपी का 5% स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च होना चाहिये।

कोटा। दवा विक्रय प्रतिनिधियों के संगठन एफएमआरएआई के तीन दिवसीय 26वें अखिल भारतीय अधिवेशन की शुरूआत 10 मार्च गरुवार को कोटा में हुई। सम्मेलन में तय किया गया कि दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी खत्म करने के लिये आंदोलन तेज किया जायेगा जीडीपी का 5% स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च होना चाहिये। मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को रद्द करने के लिए आंदोलन तेज किया जायेगा तथा 28 और 29 मार्च 2022 को होने वाली दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाया जाएगा।
संगठन के अध्यक्ष कॉमरेड रमेश सुंदर ने ध्वजारोहण किया। शहीद बलिवेदी पर पुष्पांजलि के द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सम्मेलन का उद्घाटन कॉमरेड ज्ञान शंकर मजूमदार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सीटू ने किया। उन्होंने बताया कि एफ एम आर ए आई की जड़ें देश के स्वधीनता आंदोलन से जुड़ी हैं। देश के स्वतंत्रता सेनानियों में से कइयों ने आजादी के बाद दवा प्रतिनिधियों की यूनियन की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि मजदूर किसान एकता इस देश में एक बड़ी घटना है, जिसकी शुरूआत 26 नवंबर 2020 की आम हड़ताल से हुई। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिये मोदी सरकार को मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि 28 और 29 मार्च 2022 को होने वाली आम हड़ताल चार श्रम संहिताओं को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. इस दिन संयुक्त किसान मोर्चा ने मजदूरों के समर्थन में देशव्यापी कृषि बंदी का आह्वान किया है। एफ एम आर ए आई के जनरल सेक्रेटरी कॉमरेड शांतनु चटर्जी ने कहा कि यह सम्मेलन देश के मजदूर आंदोलन को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सम्मेलन की आयोजन समिति के अध्यक्ष कॉमरेड राकेश गालव ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। कॉमरेड रविंद्र शुक्ला अध्यक्ष, स्वागत समिति, अध्यक्ष, सीटू राजस्थान ने सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए राजस्थान और कोटा शहर के शानदार मजदूर आंदोलन का इतिहास भी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति के पीछे की नीतियों को समझकर ही मजदूर आंदोलन को सफल किया जा सकता है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुकेश गालव, जॉइंट जनरल सेक्रेटरी आल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन , महामंत्री हिंद मजदूर सभा राजस्थान ने कहा कि देश बहुत ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है. रेलवे, कोयला, बैंकिंग, बीमा, रक्षा क्षेत्र तथा अन्य क्षेत्रों के मजदूर अपने उद्योग को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारतीय श्रम सम्मेलन की घोर अवहेलना की जा रही है, जो कि मजदूरों के प्रतिनिधियों, मालिकों के प्रतिनिधियों और सरकारी प्रतिनधियों का सर्वोच्च त्रिपक्षीय संस्थान है. श्रम सुधार के नाम पर सरकार ने उद्योपतियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और सभी श्रम कानूनों को खत्म करके चार लेबर कोड को जल्दबाजी में संसद में पारित कर दिया। गालव ने कहा कि फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट देश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. पश्चिम मध्य रेलवे में 65,000 कर्मचारियों की जगह 59,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रेलवे बेचने की साजिश को नाकाम कर दिया जाएगा। उन्ही कहा कि निजी रेल चलाने वाले अपने कर्मचारियों को तनख्वाह भी देने में सक्षम नहीं हैं. उन्होंने डिजिटल के द्वारा मजदूरों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने सम्मेलन की सफलता की कामना की।

डॉक्टर संजय जायसवाल ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि कोटा में यह राष्ट्रीय सम्मेलन होना कोटा शहर के लिये गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक और मरीज के बीच दवा प्रतिनिधि एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि हमने समय निर्धारण करके सुनिश्चित किया कि दवा प्रतिनिधि अपना कार्य करके समय पर अपने परिवार के बीच पहुंच सकें। कॉमरेड दुली चंद, उपाध्यक्ष, किसान सभा राजस्थान ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि दवा प्रतिनिधियों के सभी आंदोलनों में किसान सभा के समर्थन का आश्वासन दिया।

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