प्रिंस लोटस वैली स्कूल बना सीकर का पहला केएएमपी- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 

प्रिंस लोटस वैली स्कूल बना सीकर का पहला केएएमपी- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 
नॉलेज एंड अवेयनेस मैपिंग प्लेटफ़ॉर्म (केएएमपी), सीएसआईआर-एनआईएसीपीआर का उपक्रम है, जिसने एम/एस एनसीपीएल के साथ सेंटर ऑफ एजुकेशन के रूप में प्रिंस लोटस वैली स्कूल (पीएलवी), सीकर में विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स और एआई लैब स्थापित किया है।

सीकर। सीकर में स्थित प्रिंस लोटस वैली स्कूल ने पहला केएएमपी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करके अपनी साख और बढ़ा ली है। नॉलेज एंड अवेयनेस मैपिंग प्लेटफ़ॉर्म (केएएमपी), सीएसआईआर-एनआईएसीपीआर का उपक्रम है, जिसने एम/एस एनसीपीएल के साथ सेंटर ऑफ एजुकेशन के रूप में प्रिंस लोटस वैली स्कूल (पीएलवी), सीकर में विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स और एआई लैब स्थापित किया है।

कार्यक्रम का  आयोजन 6 मई को प्रिंस लोटस वैली स्कूल के प्रमुख प्रबंध निदेशक, राजेश ढिल्लों, प्रमुख प्रबंध निदेशक, रमाकांत स्वामी, प्रमुख, प्रिंस एनडीए अकादमी ब्रिगेडियर बी.बी.जानु (सेवानिवृत्त), प्राचार्य, पीएलवी, पूनम चथम, केएएमपी अधिकारी परियोजना निदेशक, आशीष कुमार मित्तल, अकादमिक और परिचालन निदेशक, अरिका माथुर, प्रमुख कैपेसिटी बिल्डिंग मोहित कुमार और स्टेट कॉर्डिनेटर, केएएमपी अनूप कुमार की मौजूदगी में हुआ।

इस अवसर पर आशीष कुमार मित्तल ने कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य "विकसित भारत" की अवधारणा को प्रोत्साहित करना है और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा मानविकी जैसे क्षेत्रों में भारत को एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है।

केएएमपी- राष्ट्रीय वैज्ञानिक गुणता और योग्यता (एनएएसटीए) 2023 में 15 सौ से अधिक छात्रों ने भाग लिया। जो कि केएएमपी द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर का बड़ी प्रतियोगिता है। एनएएसटीए 2023 में कक्षा 5 से 12 तक के 7.5 लाख छात्रों ने भाग लिया। उनमें से निकिता को दसवीं कक्षा से राष्ट्रीय टॉपर खिताब दिया गया, जबकि वैष्णवी शर्मा को पांचवीं कक्षा और विवेक गुप्ता को दसवीं कक्षा से राज्य टॉपर का पुरस्कार दिया गया।

केएएमपी के बारे में: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विद्यार्थियों, शिक्षकों और देश भर में स्कूलों के बीच एक शिक्षा के नवीनतम और उन्नत तरीके विकसित करने के प्रति समर्पित है। इसलिए संस्थान द्वारा कोडिंग, एआई और रोबोटिक्स लैब, वैज्ञानिक भ्रमण, कार्यशालाएं, लाइव सेशन, ट्रेनिंग सत्र और प्रतियोगिताएं छात्रों के लिए आयोजित की जाती हैं। शिक्षकों के लिए भी विभिन्न पेशेवर (सीपीडी) कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों के लिए ऐसा वातावरण बनाना है जहां उन्हें कुछ नया सीखने और शिक्षा में रुचि लेने के अवसर मिल सकें।

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