दक्षिण पश्चिम रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई: आरपीएफ ने फरवरी में 51 बच्चों को बचाया 44.8 लाख रुपए का सामान लौटाया
आरपीएफ हुबली की बड़ी कार्रवाई: 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' से सुरक्षित हुए 51 बच्चे
दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) की आरपीएफ ने फरवरी 2026 में 'नन्हे फरिश्ते' के तहत 51 बच्चों को रेस्क्यू किया। 'ऑपरेशन उपलब्ध' में टिकट दलालों को दबोचा गया, जबकि 'नार्को' और 'सतर्क' अभियानों में भारी मात्रा में गांजा और शराब जब्त की गई। यात्रियों का ₹44.8 लाख का खोया सामान भी लौटाकर सुरक्षा और सेवा की मिसाल पेश की गई।
हुबली। दक्षिण पश्चिम रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने फरवरी-2026 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आरपीएफ ने इस दौरान विभिन्न अभियानों के तहत कई सफल कार्रवाई की। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत आरपीएफ ने 51 बच्चों (39 लड़के और 12 लड़कियां) को बचाकर सत्यापन के बाद उनके परिजनों, पुलिस-एनजीओ को सौंप दिया। ऑपरेशन डिग्निटी के तहत देखभाल की जरूरत वाली एक वृद्ध महिला को भी सुरक्षित बचाकर उनके परिवार या एनजीओ को सौंपा गया। मेरी सहेली के तहत 32 ट्रेनों में निगरानी की जा रही है।
ऑपरेशन उपलब्ध के तहत टिकट दलालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 23 मामलों में 23 दलालों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 77 हजार 804 मूल्य के 48 लाइव टिकट और 97 हजार 496 मूल्य के 65 उपयोग किए गए टिकट जब्त किए गए। आॅपरेशन सतर्क में 7 मामलों में 142 शराब की बोतलें (करीब 100 लीटर) जब्त की गई, जिनकी कीमत 63 हजार 346 है।
वहीं, ऑपरेशन नारको के तहत 7 मामलों में 57 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 2.71 लाख है। इस दौरान 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जीआरपी-आबकारी विभाग को सौंपा गया। फरवरी में आरपीएफ ने 58 मामलों में यात्रियों का खोया हुआ सामान असली मालिकों को लौटाया। इस सामान की कुल कीमत करीब 44.8 लाख है। इसके अलावा प्रतिदिन औसतन 32 से 35 एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनों में 90 से 95 आरपीएफ कर्मियों की ओर से एस्कॉर्टिंग और मोबाइल पेट्रोलिंग की गई, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी। रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम 1966 के तहत 3 मामले दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 38 हजार 458 मूल्य की चोरी हुई रेलवे संपत्ति बरामद की गई।

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