सीएचसी में मदर लैब शुरू नहीं होने से मरीज परेशान, नहीं मिल रहा उन्नत जांच सुविधाओं का लाभ
75 लाख से बनने वाला बीपीएचयू भवन अधूरा
मदर लैब के लिए मशीनें सीएचसी पहुंची लेकिन भवन अधूरा होने से स्थापित नहीं की गई।
कैथून। कैथून सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत बीपीएचयू भवन का निर्माण तय समय पर पूरा नहीं होने से मदर लैब शुरू नहीं हो सकी है, जिससे मरीजों को मुफ्त जांच सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जानकारी के अनुसार कैथून सीएचसी में बीपीएचयू यूनिट वर्ष 2023 में स्वीकृत हुई थी, जिसके लिए 75 लाख रुपए मंजूर किए गए थे। योजना के अनुसार वर्ष 2024 तक भवन निर्माण पूरा कर हैंडओवर होना था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसके चलते मदर लैब शुरू नहीं हो सकी और क्षेत्र के हजारों मरीज उन्नत जांच सुविधाओं से वंचित हैं। कैथून सीएचसी में आसपास के गांवों से सैकड़ों मरीज रोजाना उपचार के लिए आते हैं। भवन तैयार नहीं होने से कैंसर मार्कर, बायोप्सी और हार्मोनल टेस्ट सहित 145 प्रकार की जटिल जांचें शुरू नहीं हो पा रही हैं।
मशीनें पहुंचीं, लेकिन स्थापना रुकी
जानकारी के अनुसार मदर लैब के लिए ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर, कोबास C-801 और इलेक्ट्रोलाइट एनालाइजर जैसी मशीनें सीएचसी पहुंच चुकी हैं, लेकिन भवन अधूरा होने के कारण इन्हें स्थापित नहीं किया जा सका। योजना के तहत पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से सैंपल लेकर मदर लैब भेजे जाने थे और रिपोर्ट ऑनलाइन मरीजों को उपलब्ध कराई जानी थी।
विधायक से लगाई गुहार
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष हरिओम पुरी और देवेंद्र शर्मा ने मदर लैब शुरू कराने को लेकर विधायक कल्पना देवी से चर्चा की। इस पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को जल्द निर्माण कार्य पूरा कर लैब शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
शिफ्टिंग की चर्चा से बढ़ी चिंता
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि मदर लैब को कैथून के बजाय कोटा में कहीं अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है। इस पर हरिओम पुरी ने लैब को कैथून में ही संचालित रखने और मशीनों को अन्यत्र नहीं भेजने की मांग की है। साथ ही लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लैब को कहीं और स्थानांतरित किया गया तो इसका विरोध किया जाएगा।
ठेकेदार द्वारा समय पर कार्य पूरा नहीं करने से परियोजना रुकी हुई है। ठेकेदार को कई बार मौखिक रूप से निर्देश दिए गए हैं और उच्च अधिकारियों को पत्र भी भेजे गए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलक्टर को भी इस स्थिति से अवगत कराया जा चुका है।
-डॉ. राजेश सामर, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, सीएचसी, कैथून

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