स्कूल परिसर में वर्षों से नहीं हट रहा अतिक्रमण, जानें पूरा मामला
सुरक्षा को लेकर भी गहराई चिंता
शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा असर, विकास कार्य हो रहा प्रभावित।
सुकेत। कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुकेत में वर्षों से चल रहा अतिक्रमण शिक्षा विभाग और प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। विद्यालय परिसर की भूमि पर कब्जे के कारण स्कूल के विस्तार और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जबकि विद्यार्थियों को भी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजू मीणा ने बताया कि हाल ही में विद्यालय का चयन पीएमश्री मी योजना योजना में हुआ है। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
अभिभावकों ने भी जताई चिंता
अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। एक अभिभावक ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निजी विद्यालयों की फीस वहन नहीं कर सकते और सरकारी विद्यालयों में भी मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं बनी हुई हैं। उनका कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा।
इनका कहना
अतिक्रमण हटाने के लिए विद्यालय प्रशासन को पहल करनी होगी। नगरपालिका आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकती है।
- हेमेंद्र सांखला, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, सुकेत
कई बार विद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। वाटर कूलर खराब करना, सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त करना तथा पानी की टंकियों के नल तोड़ना जैसी घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
- संजू मीणा, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुकेत
हम भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत वर्षों से हम राजस्व जमा कर रहे हैं। यदि हमें अन्यत्र भूमि अथवा उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तो समाधान का रास्ता निकल सकता है।
- हजारीलाल
अतिक्रमी विद्यालय परिसर से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भविष्य में और गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई कराने की मांग की है।
- दिव्या मालवीय, पूर्व नगर मंत्री, एबीवीपी

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