अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं का शिकार हो रहा सुकेत बस स्टैंड, जानें पूरा मामला
अतिक्रमण से हादसों का बढ़ा खतरा
बैठने और छाया की व्यवस्था नहीं होने से यात्री परेशान।
सुकेत। कस्बे का मुख्य बस स्टैंड इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। यहां यात्रियों के लिए न तो पर्याप्त बैठने की व्यवस्था है और न ही गर्मी से बचाव के लिए उचित छाया उपलब्ध है। अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं के चलते बस स्टैंड दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन गया है, जिससे रोजाना सैकड़ों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
यात्रियों ने बताया कि बस स्टैंड पर केवल कुछ टूटी-फूटी सीमेंट की बेंच ही मौजूद हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे घंटों धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं। वहीं बस स्टैंड का टीन शेड भी जर्जर हालत में है। कई जगह से टूटे शेड के नीचे व्यापारियों ने अस्थायी दुकानें लगा रखी हैं, जिससे यात्रियों को धूप में खड़ा रहना पड़ता है। बारिश के दौरान शेड से पानी टपकता है और रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है।
सवारियां सड़क पर ही उतारना-चढ़ाना पड़ रहा
यात्री बस स्टैंड परिसर में ठेले और ऑटो खड़े रहने से जगह सिकुड़ गई है। ऐसे में बसों को सड़क पर ही सवारियां चढ़ानी-उतारनी पड़ती हैं, जिससे ज़ाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पिछले माह एक बुजुर्ग महिला गड्ढे में गिरकर घायल हो गई थी, जबकि आए दिन स्कूली बच्चे भी चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से बस स्टैंड का निरीक्षण कर यात्रियों के लिए शेड, पेयजल, शौचालय और पर्याप्त बैठने की व्यवस्था कराने की साथ हटाकर परिसर को समतल करने की भी मांग उठाई गई है।
कोटा जाने के लिए कई बार एक घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन बैठने की व्यवस्था नहीं होने से छोटे बच्चों को गोद में लेकर खड़ा रहना पड़ता है।
- सीमा बाई, नियमित यात्री, सुकेत
बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। बस स्टैंड का रखरखाव नगर पालिका सुकेत के अधीन है। फिलहाल अस्थायी तौर पर चार बेंच लगाई गई हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हैं।
- रवि, कॉलेज छात्र, सुकेत
यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यदि किसी ने अतिक्रमण किया है तो उसे हटाया जाएगा। बस स्टैंड पर शौचालय, पेयजल और बैठने की समुचित सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
- चारु वर्मा, उपखंड अधिकारी, रामगंजमंडी

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