एमबीएस अस्पताल में बवाल : दो मरीजों की मौत के बाद तोड़फोड़, रेजीडेंट डॉक्टरों से मारपीट
परिजनों ने स्ट्रेचर समेत शव लाकर रोड पर किया प्रदर्शन
फिर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल एमबीएस में दो मरीजों की मौत। दोनों मरीजों के परिजनों ने डाक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगा अस्पताल में जमकर हंगामा। अपनों की मौत से गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी मेडिसीन वार्ड में जमकर तोड़फोड़ के साथ रेजीडेंट डॉक्टरों से साथ मारपीट।
कोटा। प्रसुताओं की मौत का मामला अबी ठंडा भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार को फिर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल एमबीएस में दो मरीजों की मौत हो गई। दोनों मरीजों के परिजनों ने डाक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगा अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अपनों की मौत से गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी मेडिसीन वार्ड में जमकर तोड़फोड़ के साथ रेजीडेंट डॉक्टरों से साथ मारपीट की। डॉक्टर जान बचाने के लिए बाथरूम में जाकर छिपे तो लोगों ने बाथरुम का गेट तोड़ दिया और मारपीट की। इसके बाद मृतकों के परिजन बेड सहित दोनों शव अस्पताल के बाहर सड़क पर ले गए और धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस उन्हें वहां से हटाने के प्रयास करती रही। हंगामे के बीच मरीजों के परिजनों में शामिल महिलाएं बेहोश होकर सड़क पर गिर गई। पुलिस जबरन स्ट्रेचर को खीच कर मोर्चरी तक ले गई। हाईवोल्टेज हंगामा करीब दो से ढाई से तीन घंटे तक चला।
पंजे में घाव पर लगे टांके पकने पर कराया था भर्ती
टोंक जिले के उनियारा तहसील के कोटड़ी गांव निवासी लाडला ने बताया कि मृतक किशन ढोल बजाने का काम करता था। 2 मई को सवाई माधोपुर में उसका एक्सीडेंट हुआ था, जिससे पैर के पंजे में चोट लगी थी, इस पर टांके लगवाए लगे थे। लेकिन, टीटनेस का इंजेक्शन नहीं लगने से कुछ दिन बाद टांके पक गए। इसके बाद उसे सवाई माधोपुर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। गुरुवार रात करीब 12.30 बजे यहां लाकर भर्ती कराया। सुबह तक किशन की तबीयत ठीक थी। वह बात कर रहा था। फिर किशन को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया। लगभग 11 बजे के बाद उसे ड्रिप चढ़ाई गई, जिसमें इंजेक्शन लगाए गए। तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने बोला तुम बाहर जाओ हम इलाज करेंगे। हम बाहर आ गए। इस दौरान सूचना मिली की किशन की मौत हो गई। हम वहां पहुंचे तो डॉक्टर अपना सामान छोड़कर भाग गया।
इंजेक्शन लगते ही मौत हो गई
बूंदी के बड़नयागांव निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि मेरे साले मदनलाल को कब्ज व दस्त की शिकायत थी। पहले बूंदी अस्पताल में भर्ती थे, वहां से गुरुवार रात एमबीएस रैफर किया था। वह बातचीत कर रहे थे, सीरियस कंडीशन में नहीं थे। डॉक्टरों ने ड्रिप चढ़ाकर इंजेक्शन लगाए। तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने कहा, घबराने की बात नहीं है। यह सुनकर हम संतुष्ट हो गए। सुबह फिर ड्रिप व इंजेक्शन दिए गए। इसके बाद शुक्रवार दोपहर 12 बजे करीब मदनलाल की तबीयत गंभीर हो गई और थोड़ी देर में ही उनकी मृत्यु हो गई।
फिलहाल किसी ने रिपोर्ट नहीं दी है
हंगामें के बाद पुलिस को दोनों ही पक्षों ने अब तक कोई रिपोर्ट नहीं दी है। यदि रिपोर्ट देंगे तो कार्रवाई करेंगे।
-डा. पूनम चौहान, डिप्टी एसपीु

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