अरावली में खनन मामला : पट्टा धारकों के पक्ष में कोई आदेश पारित नहीं करेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- रद्द करने पर संबंधित पक्ष दे सकता है चुनौती
किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला में खनन पर फिलहाल रोक जैसे कड़े संकेत दिए हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने साफ कहा कि पूरी संतुष्टि तक किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। कोर्ट टुकड़ों में सुनवाई नहीं करेगी और विशेषज्ञों की राय के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला में खनन को लेकर सुनवाई करते हुए कहा कि वह खनन पट्टा धारकों के पक्ष में फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट इस मामले की टुकड़ों में सुनवाई नहीं करेगी। जब तक हम पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाते हैं तब तक किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किसी खनन पट्टे को रद्द किया जाता है तो संबंधित पक्ष उसे चुनौती दे सकता है। 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वो विशेषज्ञों की राय लेगी कि क्या अरावली इलाके में खनन की इजाजत दी जा सकती है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से विशेषज्ञों का नाम सुझाने को कहा था।

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