सवाई मानसिंह स्टेडियम में दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल, फिर भी खेल परिषद के सेंट्रल कोचिंग कैम्प से बाहर तैराकी का खेल

जयपुर में लगेगा 10 खेलों का कैंप

सवाई मानसिंह स्टेडियम में दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल, फिर भी खेल परिषद के सेंट्रल कोचिंग कैम्प से बाहर तैराकी का खेल

राजस्थान खेल परिषद के सेंट्रल कोचिंग कैंप में तैराकी शामिल नहीं होने से सवाल खड़े हो गए, सवाई मानसिंह स्टेडियम में दो अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल मौजूद। माउंट आबू और जयपुर में जून में कैंप आयोजित, जयपुर में 10 खेलों को शामिल किया गया।

जयपुर। राजस्थान खेल परिषद अपने मूल उद्देश्य से भटकती नजर रही है। परिषद के गठन के समय उसके विधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि प्रदेश के खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इसके ठीक विपरीत दिखाई दे रही हैं। सवाई मानसिंह स्टेडियम में दो अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल मौजूद होने के बावजूद राजस्थान खेल परिषद के इस वर्ष आयोजित होने वाले सेंट्रल कोचिंग कैंप में तैराकी को शामिल नहीं किया गया है। जिस खेल के लिए आधारभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों, उसे कैंप से बाहर रखना परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

जयपुर में लगेगा 10 खेलों का कैंप :

राजस्थान खेल परिषद आगामी जून माह में माउंट आबू और जयपुर में सेंट्रल कोचिंग कैंप आयोजित करने जा रही है। इसके साथ ही बांसवाड़ा में केंद्रीय जनजाति खेल प्रशिक्षण शिविर भी प्रस्तावित है। हालांकि इन शिविरों की तिथियां अभी घोषित नहीं की गई हैं। जानकारी के अनुसार माउंट आबू कैंप में छह खेलों को शामिल किया गया है, जबकि जयपुर कैंप में दस खेलों को जगह दी गई है। जयपुर में फुटबॉल, क्रिकेट, जिम्नास्टिक, जूडो, हॉकी, कुश्ती, कबड्डी, भारोत्तोलन, खो-खो और साइक्लिंग को शामिल किया है लेकिन तैराकी इसमें नहीं है। इससे पहले तैराकी के कैंप लगते रहे हैं।

तीनों पूल दिए हैं निजी संस्था के ठेके पर :

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परिषद ने एसएमएस स्टेडियम के दोनों अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल और मिनी स्विमिंग पूल एक निजी संस्था को कॉन्ट्रेक्ट पर दे रखे हैं। यही कारण बताया जा रहा है कि खिलाड़ियों के लिए पूल उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि सरकारी खेल परिसरों की सुविधाएं निजी संस्थाओं के लिए आरक्षित कर दी जाएंगी, तो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण कहां मिलेगा। संस्था द्वारा मोटा शुल्क वसूला जा रहा है। मासिक शुल्क 4337, क्वार्टरली 11,800, छह माह का शुल्क 21,240 और वार्षिक शुल्क 41,300 रुपए निर्धारित है।

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