प्रदेश की जल्द आएगी नई आयुर्वेद नीति, ट्यूरिज्म स्थलों पर बनेंगे सुविधा युक्त आधुनिक आयुर्वेद वेलनेस सेंटर्स
आयुर्वेद से वेलनेस ट्यूरिज्म विकसित होगा
राजस्थान में धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन के साथ अब आयुर्वेद वेलनेस ट्यूरिज्म को भी जोर-शोर से बढ़ाने की तैयारी। इसे लेकर प्रदेश सरकार जल्द नई आयुर्वेद पॉलिसी ला रही है, जिसमें प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थलों के आस-पास आयुर्वेद से स्वास्थ्य लाभ के बड़े और आधुनिक आयुर्वेद सेंटर खोले जाएंगे।
जयपुर। राजस्थान में धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन के साथ अब आयुर्वेद वेलनेस ट्यूरिज्म को भी जोर-शोर से बढ़ाने की तैयारी है। इसे लेकर प्रदेश सरकार जल्द नई आयुर्वेद पॉलिसी ला रही है, जिसमें प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थलों के आस-पास आयुर्वेद से स्वास्थ्य लाभ के बड़े और आधुनिक आयुर्वेद सेंटर खोले जाएंगे। इन्हें बेंगलुरू के जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के पतंजलि आयुर्वेद वेलनेस सेंटर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
सरकार पीपीपी मोड पर देश के बड़े आयुर्वेद वेलनेस सेंटर्स संचालन करने वाले प्लेयर्स को इसके लिए जमीन उपलब्ध कराएगी और उसमें प्रोफिट की भागीदार बनेगी। आयुर्वेद विभाग ने इसे लेकर युद्धस्तर पर काम करना भी शुरू कर दिया है। उदयपुर, पुष्कर, मेहंदीपुर बालाजी, कुंभलगढ़ सहित कई पर्यटको से सरोबार रहने वाले स्थलों, शहरों के आस-पास जमीनें तलाश की जा रही है, जहां इनका संचालन हो सके। अभी तक विभाग ने करीब 9 पर्यटन स्थलों को आयुर्वेद वेलनेस सेंटर खोलने के लिए चिह्नित किया है।
वेलनेस सेंटर्स में क्या खास
आयुर्वेद वेलनेस सेंटर खोलने की कार्ययोजना केरल के वेलनेस सेंटर नीति के तहत विकसित की जा रही है। धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटको को आयुर्वेद से स्वास्थ्य लाभ को ऐसी जगहों पर ही इन्हें खोलने की रणनीति है। सेंटर्स में अत्याधुनिक सुख सुविधाओं युक्त कमरे या कोटेज होंगे। यहां आयुर्वेद की विभिन्न विद्याओं के एक्सपर्ट आयुर्वेद चिकित्सा पद्वति से स्वास्थ्य लाभ देंगे। अभी देश में प्राइवेट सेंटरों पर रोजाना 5500 से लेकर 25 हजार प्रतिदिन के चॉर्ज लिए जाते हैं। यहां 7 से लेकर 30 दिन तक आयुर्वेद लाभ देने के लिए सरकार दरें तय करेंगी।
ये चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी
क्रोनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाई बीपी, आर्थराइटिस, पांचन, मोटापा संबंधित समस्या, तनाव, अस्थमा, स्किन प्रॉब्लम, थायराइड, किडनी, कैंसर जैसी समस्याओं के निराकरण के लिए रिजूविनेशन थैरेपी, पंचकर्म, वेट लॉस थैरेपी, स्ट्रेस रिलीफ थैरेपी, ब्यूटी केयर, प्राणायाम, नैचुरोपैथी, योग, डाइट थैरेपी, फिजियोथैरेपी, एक्यूपंक्चर विद आयुर्वेद, शिरोधारा, हर्बल थैरेपी, नीलम-एलॉय-टरमरिक थैरेपी मिलेगी। प्रिवेंटिव थैरेपी, शतकर्म, ओजोन थैरेपी, बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन, लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन इत्यादि।
वेलनेस ट्यूरिज्म की अपार संभावनाएं
आ युर्वेद से स्वास्थ्य लाभ के साथ वेलनेस ट्यूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसे लेकर नई आयुर्वेद पॉलिसी पर भी काम चल रहा है। सरकार की मंजूरी के बाद इस पर तेज गति से काम किया जाएगा।
-सुबीर कुमार, प्रमुख शासन सचिव, आयुर्वेद विभाग।

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