बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़, स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता

पानी निकासी के लिए खोदे पत्थरों का लम्बे समय से लगा है अम्बार

बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़, स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता
दादाबाड़ी से जवाहर नगर तक कई इलाकों में भरेगा बरसाती पानी।

कोटा। नगर निगम की ओर से बरसात में नाले से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए बनाई जा रही चैनल ही परेशानी का कारण बन सकती है। चैनल के लिए नाले में खोदे गए पत्थरों का इतना अधिक पहाड़ जमा हो गया है कि वह बरसात में नाले के पानी की निकासी में बाधक बन सकता है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से तत्कालीन बोर्ड के समय में ही बसंत विहार से ज्योति मंदिर होते हुए धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर के पीछे दादाबाड़ी तक नाले में ड्राई वैदर चैनल बनाने का काम शुरु किया गया था। हालांकि यह काम काफी लम्बा हो गया है। 

बसंत विहार से ज्योति मंदिर तक नाले में चैनल तो बना दी गई है। साथ ही नाले में आरसीसी की बैड भी बनाई जा रही है। यह बैड कुछ ही हिस्से में बन सकी। उसके आगे नाले की खुदाई कर पत्थरों को निकाला जा रहा था। लेकिन पत्थर इतनी अधिक मात्रा में एकत्र हो गए कि उन्हें हटाए बिना न तो काम आगे बढ़ पा रहा है और न ही काम पूरा हो पा रहा ह। अधरझूल में काम अटकने से जिस मकसद से यह काम शुरु किया गया था वह भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। वरन् बरसात आने पर जब नाले में पानी का बहाव आएगा तो उसे निकलने की जगह ही नहीं मिलेगी। पत्थरों का पहाड़ इसमें बाधक बनेगा। जिससे वह पानी बसंत विहार,ई दादाबाड़ी, बालाकुंड, केशवपुरा व जवाहर नगर समेत आस-पास के क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना है। जिससे स्थानीय लोगों व व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं केशवपुरा से दादाबाड़ी के बीच के मुख्य मार्ग पर भी भरने की संभावना है। जिससे यातायात भी बाधित हो सकता है।

यह था मकसद
नगर निगम कोटा दक्षिण के तत्कालीन महापौर राजीव अग्रवाल के समय में इस बरसाती नाले का काम शुरु किया गया था। उस समय प्रयास था कि बरसात के समय तो नाले में पूरे बहाव के साथ पानी निकल सके। साथ ही सालभर इस चैनल के माध्यम से पानी बहता रहे। वहीं बरसात के बाद इस नाले में की गई सीसी बैड का उपयोग पार्किंग, वेंडिग जोन, प्ले जोन व वॉकिंग के रूप में किया जा सके।लेकिन हालत यह है कि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुए 6 माह का समय हो चुका है। न तो यह काम पूरा हुआ और न ही अभी तक मसकद पूरा होता दिख रहा है।

स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता
दादाबाड़ी नाले में करीब 6 माह से लगे पलतथरों के पहाड़ को देखकर दादाबाड़ी व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों के लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम इन पत्थरों को हटाने के लिए अभी तक कुछ नहीं कर पाया है। इससे तो पहले वाला नाला ही सही था। जानकारों के अनुसार स्थानीय लोगों ने गत दिनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस पर चिंता जातते हुए इन पत्थरों को हटवाकर नाले की सफाई करवाने की गुहार भी लगाई थी। लोगों को चिंता है कि यदि ये पत्थर नहीं हटे इस क्षेत्र में आने वाला पानी उनके क्षेत्र में भरकर परेशानी पैदा कर सकता है।

Read More हरिपुरा स्कूल में जलभराव समस्या पर शिक्षा विभाग सख्त, जानें पूरा मामला

अधिकारियों को करना चाहिए प्रयास
पूर्व महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि नाले का काम तो काफी समय से चल रहा था। लेकिन नाले के पत्थर खुदाई का काम नवम्बर में शुरु किया गया था। कुछ समय बाद ही बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। जब तक बोर्ड था तब तक तो इसकी मॉनिटरिंग होती रही। लेकिन उसके बाद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। जबकि पत्थर खुदाई के बाद उसे वहां से हटवाना निगम का काम था। उन्होंने बताया कि निगम अधिकारी बरसात से पहले इन पत्थरों को यहां से हटवाकर अन्य स्थान पर डलवाकर वहां से इनकी नीलामी करवा सकते हैं। लेकिन इसी जगह पर पड़े पत्थरों की नीलामी करने में माइनिंग समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे बरसात का समय आने तक यदि पत्थरों को नहीं हटाया गया तो सुविधा के लिए किया जा रहा काम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

Read More गैर इरादतन हत्या के मामले में महिला समेत दो आरोपियों को 10 साल का कठोर कारावास, जानें पूरा मामला

ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरु
नगर निगम के अधिशाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी का कहना है कि पत्थरों की नीलामी के प्रयास तो काफी समय से किए जा रहे हैं। लेकिन कई कारणों से नीलामी नहीं हो सकी थी। मॉइनिंग विभाग द्वारा पत्थरों की नालामी से रॉयल्टी की डिमांड को मान लिया गया है। साथ ही ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरु हो गई है। दो दिन में इसके लिए आवेदन करना है। उसके बाद नीलामी की जाए$गी। अधिक बोली दाता को कार्यादेश देकर शीघ्र ही इन पत्थरों को हटाने के लिए कहा जाएगा। इस माह के अंत तक यह काम पूरा होने की संभावना है। जिससे बरसात से पहले नाले की सफाई की जा सकेगी।

Read More बदहाली का शिकार हुआ करोड़ों का अंडरपास, हादसों का भी बढ़ा खतरा

Post Comment

Comment List

Latest News

एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने रचा कीर्तिमान, एक ही दिन में 11 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफल एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने रचा कीर्तिमान, एक ही दिन में 11 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफल
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने एक ही दिन में 11 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कर उपलब्धि हासिल की। 8...
भारत के लिए राहतभरी खबर: होर्मुज खुलते ही तेल और उर्वरक से लदे 11 जहाज सुरक्षित लौटे, ऊर्जा संकट की आशंका घटी
ईरान की कूटनीतिक पहल: आईएईए निरीक्षकों को मंज़ूरी देने से किया इनकार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति के बयान का किया खंड़न
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: कांग्रेस का भाजपा-आरएसएस पर तीखा हमला, आलोक शर्मा ने कहा- जिन लोगों ने प्रभु श्रीराम को नहीं छोड़ा, वे देश को क्या छोड़ेंगे 
अजमेर में भाजपा ने मनाया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस, राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को किया याद
पल्स पोलियो अभियान : जयपुर जिले के 4064 बूथों पर 4 लाख 60 हज़ार से अधिक नौनिहाल गटकेंगे दो बूंद ज़िन्दगी की
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़े एक्शन की तैयारी: SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश