बंगाल में हिंसा के कारण तनाव : हमले में माकपा के कार्यकर्ता की कटी उंगली, हुमायूं कबीर की कार पर भी हमला
बूथ के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू
मतदान के दौरान ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों से हंगामा मच गया, मतदाताओं ने टीएमसी का वोट बीजेपी में जाने का दावा किया। कई जगह छिटपुट हिंसा, हमले और बमबाजी की घटनाएं सामने आईं। डोमकल, नाओदा और मिदनापुर में झड़पें हुईं। चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब की, सुरक्षा बढ़ाई गई।
मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के संवेदनशील जिले मुर्शिदाबाद में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान वोटिंग मशीन में गड़बड़ी और छिटपुट हिंसा की खबरें मिली हैं। बेलडांगा विधानसभा क्षेत्र में बेलडांगा प्रखंड के गोडापारा में बूथ नंबर 186 पर उस समय विवाद खड़ा हो गया जब मतदाताओं के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम ) में गंभीर खराबी आ रही है। मतदाताओं ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न वाला बटन दबाने पर, वोट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) के पक्ष में दर्ज हो रहे थे। यह आरोप तेजी से फैल गया, जिसके चलते बूथ के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। आक्रोशित मतदाताओं ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और आरोप लगाया कि या तो कोई तकनीकी गड़बड़ी है या फिर जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है। पुलिस और केंद्रीय बल तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी।
चुनाव पर्यवेक्षक उज्ज्वल सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रणाली के तहत ऐसी विसंगतियां होना असंभव है, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच की जाएगी। बूथ पर मतदान कुछ समय के लिए बाधित हुआ, जिसके बाद सुरक्षा घेरे में इसे फिर से शुरू किया गया। डोमकल में, रायपुर कारीगरपारा से गंभीर हिंसा के आरोप देखने को मिले, जहाँ कथित तौर पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक कार्यकर्ता पर हमला किया गया और उसकी एक उंगली कट गई। पार्टी के दो अन्य कार्यकर्ता भी घायल हो गए। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गयी और निवासियों ने दावा किया कि मतदाता मतदान केंद्रों तक जाने से बहुत अधिक हुए थे।
डोमकल प्रखंड में माकपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच झड़प हो गई, जिसमें 3 लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद माकपा के एक कार्यकर्ता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि यह हिंसा रायपुर के सरदारपारा इलाके में हुई, जहाँ दोनों समूहों के बीच कहा-सुनी बढ़कर झड़प में बदल गई और कथित तौर पर धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बचाने के लिए दौड़े और उसे इलाज के लिए डोमकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले गए। माकपा ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया, जिसे सत्ताधारी पार्टी ने नकार दिया। मार्क्सवादियों ने इलाके में केंद्रीय बलों की गैर-मौजूदगी का भी आरोप लगाया।
मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ है। वीडियो में वह बचने के लिए भागते हुए नजर आए। सिक्योरिटी गार्ड की मौजूदगी में भीड़ सुवेंदु को पीटती रही। नाओदा विधानसभा क्षेत्र में कल देर रात बम फेंकने की कथित घटनाओं के बाद तनाव काफी बढ़ गया। यह घटना शिवनगर इलाके में हुई। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि सड़क पर देसी बम फेंके गए, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। यहां से आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूँ कबीर चुनाव लड़ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में एक महिला घायल हो गई। कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे, तो उनका विरोध हुआ। TMC कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प भी हुई। उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया।
गौरतलब है कि शिवनगर स्कूल को मतदान केंद्र बनाया गया है और जहाँ केंद्रीय बल तैनात हैं। कथित विस्फोट स्थल से 50 मीटर के दायरे में ही यह मतदान केंद्र स्थित है। निवासियों ने आरोप लगाया कि इस हमले का मकसद मतदान से पहले मतदाताओं को डराना था। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अबू ताहिर खान ने इस घटना के लिए उन उपद्रवियों को दोषी ठहराया, जिन्हें कथित तौर पर कबीर की पार्टी का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया और हिंसा की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। नाओदा पुलिस थाने की पुलिस, केंद्रीय बलों के साथ इलाके में पहुँची और जाँच शुरू कर दी। चुनाव आयोग ने इस घटना पर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले उसी रात, आरोप सामने आए थे कि उसी इलाके में कबीर के समर्थकों ने तृणमूल के दो कार्यकर्ताओं पर हमला किया था, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।

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