खड़गे ने इंटक के स्थापना दिवस पर गौरवशाली विरासत की सराहना की, आर्थिक चुनौतियों के बीच श्रमिक अधिकारों के लिए प्रतिबद्धता जताने का किया आह्वान
इंटक भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दिग्गज नेताओं से प्रेरित रहा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंटक (INTUC) के 79वें स्थापना दिवस पर श्रमिकों के संघर्ष को सलाम किया। उन्होंने गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का आह्वान किया। गांधीवादी मूल्यों से प्रेरित यह संगठन दशकों से मजदूरों की गरिमा और अधिकारों के लिए समर्पित है।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के 79वें स्थापना दिवस पर संगठन की गौरवशाली विरासत की सराहना की और उभरती आर्थिक चुनौतियों के बीच श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने का आह्वान किया। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक संदेश में संगठन के सदस्यों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने दशकों से श्रमिकों के अधिकारों और गरिमा के लिए उनके संघर्ष को याद करते हुए कहा, "इंटक के 79 वर्ष पूरे होने पर मैं इसके उन अनगिनत सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने श्रमिक अधिकारों के लिए अथक संघर्ष किया है।"
इंटक की वैचारिक जड़ों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह संगठन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और शुरुआती शासन के दिग्गज नेताओं जैसे जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल, जगजीवन राम, अरुणा आसफ अली और गुलजारी लाल नंदा से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि गांधीवादी मूल्यों पर आधारित इस यूनियन ने हमेशा हर क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का समर्थन किया है। खरगे ने समकालीन चुनौतियों का जिक्र करते हुए श्रमिकों असुरक्षित वर्गों के लिए सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "आज के दिन हमें असंगठित क्षेत्र, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स, खेतीहर मजदूरों, कारीगरों और अन्य श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और सामाजिक न्याय के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।"
गौरतलब है कि 1947 में स्थापित इंटक भारत के सबसे पुराने ट्रेड यूनियन महासंघों में से एक है, जो परंपरागत रूप से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है। उदारीकरण और हाल के वर्षों में अनौपचारिक एवं गिग रोजगार के बढ़ने के बावजूद इसने श्रम नीतियों को आकार देने और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खरगे का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश में श्रम सुधारों और गिग इकोनॉमी में काम करने वालों के लिए कानूनी सुरक्षा और कल्याणकारी उपायों की मांग तेज हो रही है।

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