अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने वाले अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी : 2 जून से होगा लागू, सीएम चंद्रबाबू ने की पुष्टि
अमरावती का उदय: राष्ट्रपति ने 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2026' को दी मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी बनाने वाले अधिनियम को मंजूरी दे दी है। यह कानून 2 जून 2026 से प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे राज्य की जनता और किसानों की जीत बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। अब अमरावती विधिवत रूप से राज्य का गौरव बनेगी।
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी बनाने से संबंधित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी दे दी है। विधि और न्याय मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि राष्ट्रपति ने इस अधिनियम को सोमवार को मंजूरी दे दी। अधिसूचना में कहा गया है कि इस अधिनियम को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 कहा जा सकता है और यह आगामी 2 जून से लागू माना जाएगा। दो जून से अमरावती विधिवत रूप से आंध्र प्रदेश की राजधानी बन जाएगी।
उल्लेखनीय है कि संसद के दोनों सदनों ने बजट सत्र के दूसरे चरण में इससे संबंधित विधेयक को मंजूरी दी थी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अधिसूचना को साझा करते हुए कहा है कि अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी है। एक प्रभावी ट्वीट में उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा है, "आंध्र प्रदेश की प्रजा की ओर से, मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी का आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी देने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिससे हमारी राजधानी का लंबे समय से संजोया सपना साकार हुआ है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को हमारे राज्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और मार्गदर्शन के लिए, विधेयक का समर्थन करने वाले सभी सांसदों को, हमारे राज्य के नेताओं को और हमारे साथ खड़े रहने वाले प्रत्येक नागरिक को धन्यवाद देता हूँ। यह आंध्र प्रदेश की प्रजा, विशेषकर अमरावती के किसानों की जीत है।"

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