भारत-अमेरिका ने रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के लिए दोहराई प्रतिबद्धता, जनरल द्विवेदी ने कहा-दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई

जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पिछले सप्ताह अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन का दौरा किया

भारत-अमेरिका ने रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के लिए दोहराई प्रतिबद्धता, जनरल द्विवेदी ने कहा-दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पेंटागन का दौरा कर भारत-अमेरिका सैन्य संबंधों को नई ऊंचाई दी है। चर्चा के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक सहयोग, संयुक्त अभियानों और सैन्य प्रशिक्षण पर जोर दिया। इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए आपसी तालमेल को और सुदृढ़ करना है।

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका ने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय स्थिरता, उन्नत क्षमता विकास और प्रगाढ़ सैन्य सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सेना ने बुधवार को बताया कि भारत–अमेरिका सैन्य साझेदारी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पिछले सप्ताह अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन का दौरा किया। चार दिन की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा की।

जनरल द्विवेदी ने अमेरिका के सेना सचिव डेनियल पी. ड्रिस्कॉल के साथ बातचीत की। साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना के कार्यवाहक स्टाफ प्रमुख जनरल क्रिस्टोफर ला नेव से भी मुलाकात की। उनकी बातचीत द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विस्तार, सेना-से-सेना संबंधों को सुदृढ़ करने तथा प्रशिक्षण, क्षमता विकास और संयुक्त अभियानों में सहयोग के नये क्षेत्रों का पता लगाने पर केंद्रित रहीं। दोनों पक्षों ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पारस्परिक संचालन क्षमता और संयुक्तता के महत्व पर जोर दिया।

जनरल द्विवेदी ने रक्षा नीति के अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी और नेशनल गार्ड ब्यूरो के प्रमुख जनरल स्टीवन एस. नॉर्डहॉस के साथ भी बातचीत की। इन बैठकों ने रक्षा नीति समन्वय, संस्थागत संबंधों और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक रणनीतिक आयाम जोड़ा। पेंटागन में हुई ये बैठकें इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं, जो एक गतिशील वैश्विक सुरक्षा वातावरण के बीच दोनों देशों द्वारा रक्षा साझेदारी को दिये जा रहे बढ़ते महत्व को दर्शाती हैं। इन संवादों ने आपसी विश्वास को मजबूत करने में मदद की और प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताओं पर समानता को उजागर किया। जनरल द्विवेदी की यात्रा भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है, जिसमें दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता, उन्नत क्षमता विकास और गहरे सैन्य सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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