राजस्थान में वन्यजीव गणना का बदला शेड्यूल : अब शाम 5 बजे से शुरू होगा वॉटर हॉल काउंट, 1-2 मई को होगा बाघ-बघेरों सहित वन्यजीवों का आंकलन
पहले यह प्रक्रिया 1 मई सुबह 8 बजे से शुरू होनी थी
राजस्थान में बाघ, बघेरा सहित वन्यजीवों की गणना वॉटर हॉल पद्धति से 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक। पहले यह सुबह शुरू होनी थी। पूर्णिमा के अवसर पर होने वाली इस गणना में सभी वन मंडलों और रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा टाइगर प्रोजेक्ट शामिल।
जयपुर। राज्य में वन्यजीवों की गणना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस वर्ष के लिए बाघ, बघेरा एवं अन्य वन्यजीवों की संख्या के आंकलन के लिए वॉटर हॉल पद्धति से होने वाली गणना अब नए समयानुसार होगी। सुबह नहीं, अब शाम से शुरू होगी गणना प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में संशोधन करते हुए अब यह गणना 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक की जाएगी। पहले यह प्रक्रिया 1 मई सुबह 8 बजे से शुरू होनी थी। पूर्णिमा के दिन विशेष महत्व यह गणना वैशाख माह की पूर्णिमा के अवसर पर की जाती है, जब वन्यजीव पानी के स्रोतों पर अधिक संख्या में आते हैं, जिससे उनकी सटीक गणना संभव हो पाती है।
सभी वन मंडलों और टाइगर प्रोजेक्ट्स को निर्देश जारी आदेश के तहत जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर और भरतपुर सहित सभी वन सर्किलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रणथंभौर, सरिस्का और मुकुंदरा हिल्स टाइगर प्रोजेक्ट्स में भी यह गणना की जाएगी। इस संबंध में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक केसीए अरुण प्रसाद ने एक आदेश जारी किए हैं।

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