ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण अभियान में प्रगति: 18,019 ग्रामीण सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति, सुदृढ़ीकरण और प्रभावी रखरखाव पर जोर
बिहार का बदलता स्वरूप: 30,000 किमी ग्रामीण सड़कों का कायाकल्प
बिहार के ग्रामीण इलाकों में सुगम आवागमन के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने 30,843 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य रखा है। अब तक 10,337 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसमें समस्तीपुर (733 किमी) अव्वल है। गड्ढा-मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली इन पक्की राहों से बारिश में भी यातायात निर्बाध रहेगा, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
पटना। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से ग्रामीण सड़क अवसंरचना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। विभाग की दूरदर्शी कार्यनीति के तहत न केवल जर्जर और पुरानी सड़कों का उन्नयन किया जा रहा है, बल्कि पहले से निर्मित ग्रामीण सड़कों के दीर्घकालिक संरक्षण, सुदृढ़ीकरण और प्रभावी रखरखाव पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
इसी दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य भर में कुल 18,019 ग्रामीण पथों के सुदृढ़ीकरण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनकी कुल लक्षित लंबाई 30,843 किलोमीटर है। इस योजना के तहत अब तक 10,337 किलोमीटर की लम्बाई में ग्रामीण सड़कों के सतह का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस मामले में समस्तीपुर जिले में सर्वाधिक 733 किलोमीटर की लम्बाई में ग्रामीण ग्रामीण सड़कों का सतह कार्य पूर्ण कर ग्रामीण आवागमन को अधिक सुगम बनाया गया है। इसके अलावा मिथिलांचल के मधुबनी जिले में 670 किलोमीटर, मुजफ्फरपुर में 530 किलोमीटर और पूर्वी चंपारण में 483 किलोमीटर की लम्बाई में ग्रामीण सड़कों के सतह का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
इस योजना के तहत सुदृढ़ हो रही इन पक्की राहों से बिहार के ग्रामीण इलाकों में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। गड्ढा-मुक्त और मजबूत राइडिंग क्वालिटी वाली इन सड़कों की बदौलत अब बारिश के दिनों में भी यातायात बाधित नहीं होता है। ग्रामीण कार्य विभाग की यह तत्परता और जमीनी स्तर पर कार्यान्वित हो रही ये योजना इस बात का प्रमाण है कि विभाग अपने संकल्प को पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतार रहा है।

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