पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने सरकार की पॉलिसी पर उठाए सवाल, कहा- निवेश और रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता नहीं
विदेशी कंपनी ज़मीन के लिए भटक रही
फ्रांस राजदूत के निवेश मामले को लेकर राजस्थान सरकार को भेजे पत्र के बाद कांग्रेस हमलावर। पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा है कि राइजिंग राजस्थान या राइजिंग कमीशन अभियान बन गया।
जयपुर। फ्रांस राजदूत के निवेश मामले को लेकर राजस्थान सरकार को भेजे पत्र के बाद कांग्रेस हमलावर हो गई है। पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा है कि राइजिंग राजस्थान या राइजिंग कमीशन अभियान बन गया है। फ्रांस की कंपनी सौफेल्ट माल्ट इंडिया ने राजस्थान की निवेश नीति की असल तस्वीर सामने लाकर रख दी है। अगर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत के बाद भी निवेश धरातल पर नहीं उतर रहा तो ये सीधे-सीधे सिस्टम की मंशा पर बड़ा सवाल है। समिट में समझौता होने और मुख्यमंत्री भजनलाल से सकारात्मक चर्चा के बाद भी अगर विदेशी कंपनी ज़मीन के लिए भटक रही है, तो इसके क्या मायने हैं?
आखिर कौन हैं जो फाइल रोककर बैठा है? किसके इशारे पर निवेश अटकाया जा रहा है? क्या निवेशकों को जानबूझकर उलझाकर सेटिंग के लिए मजबूर किया जा रहा है, ताकि सौदेबाजी हो सके? ऐसे दर्जनों उद्यमी हैं जो समिट में एग्रीमेंट के बाद धरातल पर उद्योग लगाना चाहते हैं, रोजगार देना चाहते हैं, लेकिन ज़मीन के लिए भटक रहे हैं। क्योंकि सरकार में बैठे लोगों तक उनकी सीधी बात नहीं, बल्कि कमीशनखोरों के रास्ते बढ़ रही है। ये प्रकरण साफ बता रहा है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता निवेश और रोजगार सृजन नहीं, बल्कि कलेक्शन बन चुकी है।

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