त्रिपुरा में भीषण तूफान और बारिश का कहर : 1,534 घर क्षतिग्रस्त ; जनजीवन अस्त व्यस्त, बचाव और राहत कार्य जारी
मौसम विभाग ने 1 मई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया
त्रिपुरा के आठ जिलों में भीषण तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे 1,534 घर क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ऊनाकोटि जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।
अगरतला। त्रिपुरा में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश और भीषण तूफान ने राज्य के सभी आठ जिलों में भारी तबाही मचाई है जिससे 1,534 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में बिजली के कई पोल और पेड़ गिर गये हैं जिसके कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल प्रभावित घरों में से 76 पूरी तरह नष्ट हो गए, 195 को गंभीर नुकसान पहुँचा और 1,263 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, तूफान के कारण 129 बिजली के खंभे गिर गए और दो लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पेड़ों के गिरने, तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुँचा है। ऊनाकोटि जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ 518 घर क्षतिग्रस्त हुए। इनमें 26 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, 33 को गंभीर नुकसान हुआ और 459 घर आंशिक रूप से प्रभावित हुए। उत्तर त्रिपुरा में 136, धलाई में 272, सिपाहीजाला में 250 और दक्षिण त्रिपुरा में 236 घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है।
खोवाई जिले में 85 और पश्चिम त्रिपुरा में 37 घर प्रभावित हुए। गोमती जिले में हालांकि घरों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन वहां पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए। तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे कई रास्ते बंद हो गए। अधिकारियों ने कुछ मार्गों को साफ कर दिया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बहाली का कार्य जारी है। भारी बारिश के बावजूद, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। धलाई जिले के कमालपुर उपमंडल में सर्वाधिक 159 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रशासन सक्रिय रूप से नुकसान का आकलन कर रहा है और राहत एवं बहाली कार्यों में जुटा है। इस बीच, भारत मौसम विभाग ने त्रिपुरा के लिए और अधिक अनिश्चित मौसम की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने एक मई तक गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और मानसून से पहले की भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।

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