कांग्रेस में कई जिलों में गुटबाजी बढ़ी : निकाय-पंचायत चुनाव से पहले जिलों में गुटबाजी से कांग्रेस परेशान, संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान में सामने आई जानकारी
पीसीसी चीफ के सामने ही आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो जाते हैं
निकाय-पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ती दिख रही। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप पीसीसी चीफ के सामने भी हो रहे। अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंद डोटासरा खेमों में बंटे कार्यकर्ता चिंता बढ़ा रहे। कोटा, झुंझुनूं, बीकानेर और बाड़मेर में भी अंदरूनी खींचतान से चुनावी नुकसान की आशंका।
जयपुर। निकाय-पंचायत चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के संगठन बढ़ाओ लोकतंत्र बचाओ अभियान के दौरान कई जिलों में नेताओं के बीच गुटबाजी से पार्टी का सामना हो रहा है। नेताओं में गुटबाजी इस कदर हावी है कि पीसीसी चीफ के सामने ही आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि एक तरफ तो निकाय पंचायत चुनाव में पार्टी का परचम लहराने का दबाव है तो दूसरी तरफ गुटबाजी पर लगाम नहीं लग पा रही है। इससे पार्टी को कहीं न कहीं नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। कांग्रेस के सियासी गलियारों में ही इस तरह की चर्चा है कि अगर गुटबाजी खत्म नहीं हुई तो इसका नुकसान निकाय और पंचायत चुनाव में उठाना पड़ सकता है। पार्टी में जिलों के कार्यकर्ता एक तरफ पूर्व सीएम अशोक गहलोत,कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट और पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा के गुटों में बंटे हैं, वंही दूसरी तरफ जिलों में भी स्थापित नेताओं के समर्थकों में अंदरूनी खींचतान जारी है।
कोटा में पूर्व मंत्री शान्ति धारीवाल और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के समर्थकों में अदावत बनी हुई है, वंही झुंझुनूं में सांसद बृजेन्द्र ओला, विधायक रीटा चौधरी और पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा के समर्थकों में गुटबाजी सामने आ रही है। बीकानेर में पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल और दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी के समर्थकों सहित उनकी पत्नी विधायक सुशीला डूडी के बीच एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप सबके सामने आ चुके हैं। बाड़मेर में पूर्व मंत्री हरीश चौधरी, अमीन खान और मेवाराम जैन के बीच वर्चस्व की लड़ाई बनी हुई है।

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