सीमेंट फैक्ट्री से जहरीला प्रदूषण : पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, जांच के लिए कमेटी गठित
आसपास के क्षेत्र का भूजल प्रदूषित
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही जिले में संचालित एक सीमेंट फैक्ट्री से कथित रूप से फैल रहे खतरनाक प्रदूषण के मामले में गंभीर चिंता जताते हुए इसे आमजन के जीवन से जुड़ा अत्यंत गंड्टाीर मामला मानते हुए विस्तृत जांच के लिए कमेटी गठित करने के आदेश दिए।
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही जिले में संचालित एक सीमेंट फैक्ट्री से कथित रूप से फैल रहे खतरनाक प्रदूषण के मामले में गंभीर चिंता जताते हुए इसे आमजन के जीवन से जुड़ा अत्यंत गंड्टाीर मामला मानते हुए विस्तृत जांच के लिए कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चन्द्रशेखर शर्मा की खंडपीठ के समक्ष हरिसिंह सोढा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डीएस जसोल व राजेश परिहार ने फैक्ट्री की ओर से जहरीला व खतरनाक अपशिष्ट को लेकर याचिका में आरोप लगाया। आरोप लगाया, कि फैक्ट्री परिसर में खतरनाक अपशिष्ट (हैजार्डस वेस्ट) का गलत तरीके से निस्तारण किया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र का भूजल प्रदूषित हो गया है।
कोर्ट ने पहले ही मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों की टीम से निरीक्षण करवाने के निर्देश दिए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में सामने आया, कि फैक्ट्री के आसपास का भूजल गंभीर रूप से दूषित हो चुका है और यह प्रदूषण लगातार फैल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पानी का रंग बदलकर गहरे भूरे और पीले रंग का हो गया है, जो खतरनाक रासायनिक तत्वों की मौजूदगी की ओर संकेत करता है। इसके साथ ही य्आशंका जताई कि आगामी मानसून में यह प्रदूषण पास की बनास नदी तक पहुंच सकता है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

Comment List