पीएम-कुसुम योजना से राजस्थान में ऊर्जा क्रांति, 3462 मेगावाट के 1525 संयंत्र स्थापित
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उद्यमिता का नया दौर शुरू
भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम-कुसुम योजना से राजस्थान में ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात। योजना के तहत स्थापित ग्रिड कनेक्टेड विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्रों से किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है, वहीं गांव-ढ़ाणी रोशन हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उद्यमिता का नया दौर शुरू।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम-कुसुम योजना से राजस्थान में ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात हो रहा है। योजना के तहत स्थापित ग्रिड कनेक्टेड विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्रों से किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है, वहीं गांव-ढ़ाणी रोशन हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उद्यमिता का नया दौर शुरू हुआ है। प्रदेश में अब तक कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और सी के तहत 3585 मेगावाट क्षमता के 1617 सौर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। इनमें से 3462 मेगावाट के 1525 संयंत्र वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में ही लगे हैं। यह उपलब्धि योजना को मिल रहे प्रोत्साहन और जनभागीदारी को दर्शाती है।
कुसुम कम्पोनेंट-ए में 686 मेगावाट के 496 संयंत्रों के साथ राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि कम्पोनेंट-सी में 2899 मेगावाट के 1121 संयंत्रों के साथ दूसरा स्थान हासिल है। योजना के जरिए अब तक 2.29 लाख से अधिक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हो रही है। प्रदेश में सोलर संयंत्रों की स्थापना तेज गति से जारी है। जयपुर, जोधपुर और अजमेर क्षेत्रों में प्रतिदिन औसतन 3-4 नए प्लांट स्थापित हो रहे हैं। हाल ही में राम नवमी के अवसर पर 23.60 मेगावाट क्षमता के 12 नए सौर संयंत्र स्थापित कर ग्रिड से जोड़े गए, जिससे 2 हजार से अधिक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध होगी। इस योजना से न केवल किसानों को आय का अतिरिक्त स्रोत मिल रहा है।

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