हरदीप सिंह पुरी ने की केंद्र सरकार की तारीफ: देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यक्त किया आभार, वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने का निर्णय
ऊर्जा सुरक्षा: वैश्विक संकट के बीच भारत में ईंधन की प्रचुरता
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जहाँ दुनिया ईंधन की कमी से जूझ रही है, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा सुरक्षित है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल का बोझ खुद उठाकर जनता को राहत दी है। वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन बढ़ाकर 70% किया गया है और निर्यात कर लगाकर घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि जहां दुनिया ईंधन की कमी से गुजर रही है, वहीं भारत में ईंधन की प्रचुर उपलब्धता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में श्री पुरी ने कहा कि जहाँ दुनिया के अन्य देश ईंधन संरक्षण के लिए ऑड-ईवन, सप्ताह में चार दिन काम और स्कूलों-कार्यालयों को बंद करने जैसे कड़े कदम उठा रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा सुरक्षा और उपलब्धता का एक बेमिसाल उदाहरण बना हुआ है।
हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को आसान बनाने के लिए भारत सरकार ने राज्यों के वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इसमें से 20 प्रतिशत आवंटन स्टील, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और अन्य श्रम-गहन उद्योगों को दिया जाएगा। उन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ 'पाइप्ड गैस' एक विकल्प नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके परिणामस्वरूप दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 30-50 प्रतिशत, उत्तरी अमेरिका में 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीकी देशों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे- या तो अन्य देशों की तरह नागरिकों के लिए कीमतें बढ़ा दी जाएं या फिर अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से देशवासियों को बचाने के लिए सरकारी खजाने पर इसका बोझ उठाया जाए। प्रधानमंत्री ने सरकारी खजाने से इस समस्या के समाधान का विकल्प चुना ताकि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके।
हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल-डीजल आदि पर कर कम कर दिया है ताकि तेल कंपनियों के उच्च घाटे (पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर) को कम किया जा सके। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल को देखते हुए निर्यात कर भी लगाया गया है, जिससे विदेशों में निर्यात करने वाली किसी भी रिफाइनरी को कर देना होगा। उन्होंने इस 'साहसिक और दूरदर्शी' निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।

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