अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने रेपो रेट में नहीं की कोई कमी: तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई चिंता, शेयर बाजार हुए लाल

फेड का बड़ा फैसला: ब्याज दरें स्थिर, अमेरिकी बाजारों में हड़कंप

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने रेपो रेट में नहीं की कोई कमी: तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई चिंता, शेयर बाजार हुए लाल
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई और पश्चिम एशिया संकट के बीच रेपो दरों को 3.5% से 3.75% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। जेरोम पॉवेल ने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति अब भी लक्ष्य से ऊपर है। इस फैसले से बाजार की कटौती की उम्मीदें टूट गईं, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार 1.5% तक लुढ़क गए।

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में आये भारी उछाल के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बाजार की उम्मीद के विपरीत रेपो दरों में कोई कटौती नहीं की है। फेड की दो दिन चली बैठक के बाद बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि मजबूत बनी हुई है, लेकिन हाल के महीनों में नये रोजगार की रफ्तार सुस्त रही है और मुद्रास्फीति बढ़ी हुई है। साथ ही पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव में भी अनिश्चितता है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बताया कि समिति ने दरों को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखने का फैसला किया है। समिति के 12 में से 11 सदस्यों ने फैसले के पक्ष में वोट दिया जबकि स्टिफन माइरन एक-चौथाई प्रतिशत की कटौती के पक्ष में थे। बयान में कहा गया है कि फेड का लक्ष्य रोजगार को अधिकतम करना और महंगाई दर को दो प्रतिशत पर रखना है।

संवाददाताओं से बात करते हुए फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि इस समय बेरोजगारी दर दीर्घावधि औसत के आसपास है और मुद्रास्फीति उससे एक प्रतिशत ऊपर है। उन्होंने कहा मुद्रास्फीति में जितनी कमी का अनुमान था उतनी देखने को नहीं मिली है। अनिश्चितताओं के बावजूद फेड के भविष्य के अनुमानों में इस साल चौथाई प्रतिशत कटौती की संभावना जतायी गयी है। हालांकि, महंगाई का अनुमान पहले की तुलना में बढ़ा दिया गया है।

रेपो दरों को स्थिर रखने का अमेरिकी केंद्रीय बैंक का फैसला शेयर बाजारों को रास नहीं आया। बाजार दरों में कटौती की उम्मीद लगाये बैठा था। फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार लगभग डेढ़ प्रतिशत टूट गये।

Read More अजीत डोभाल का चीन दौरा: विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की बैठक में होंगे शामिल, इन अहम मुद्दों पर चर्चा संभव

Post Comment

Comment List

Latest News

जरांगे-हाके के आंदोलन से पहले मुंबई में सख्ती: प्रदर्शन सिर्फ आजाद मैदान में, मार्च और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रोक जरांगे-हाके के आंदोलन से पहले मुंबई में सख्ती: प्रदर्शन सिर्फ आजाद मैदान में, मार्च और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रोक
मराठा और ओबीसी आरक्षण आंदोलनों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में विरोध प्रदर्शनों के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए...
रेल यात्रियों के लिए राहत, राजेन्द्रनगर-अजमेर साप्ताहिक एक्सप्रेस का दिलदार नगर स्टेशन पर ठहराव शुरू
यूक्रेन के जहाजों और बंदरगाहों पर रूस का हमला जारी, रक्षा मंत्रालय का बड़ा दावा
ट्रेन से नहीं, अब विमान से घूमिए देश-विदेश, आईआरसीटीसी ने तैयार किए टूर
एयर इंडिया का ड्रूकएयर से करार : भूटान के साथ बेहतर होगा हवाई नेटवर्क, एक ही टिकट पर यात्रा कर सकेंगे लोग
शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 183 अंक और निफ्टी 127 अंक फिसला; आईटी, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली
मंदिर में पहुंचा 7 फीट लंबा मगरमच्छ, श्रद्धालुओं में मची अफरा-तफरी