ऑस्कर जीतने वाली पहली महिला सिनेमैटोग्राफर: ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ ने 45 किलो के कैमरे से रचा इतिहास, 100 साल के ऑस्कर इतिहास में पहली बार किसी महिला ने बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार जीता
ऑस्कर 2026: ऑटम डुरल्ड ने रचा इतिहास, सिनेमैटोग्राफी में पहली महिला विजेता
सिनेमैटोग्राफर ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ ने ऑस्कर के 100 साल के इतिहास में 'बेस्ट सिनेमैटोग्राफी' जीतने वाली पहली महिला बनकर रिकॉर्ड तोड़ दिया। फिल्म 'Sinners' के लिए 45 किलो का कैमरा संभालने वाली ऑटम ने अपनी जीत को दुनिया भर की महिलाओं को समर्पित किया। उनका यह सफर साधारण फोटोग्राफी एल्बम से शुरू होकर सिनेमाई क्रांति तक पहुँच गया है।
नई दिल्ली। Academy Awards 2026 के मंच पर जब सिनेमैटोग्राफर ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ ने अपना अवॉर्ड स्वीकार किया, तो वह पल सिर्फ एक कलाकार की जीत नहीं था-वह सिनेमा इतिहास में बदलाव का क्षण था। लगभग 100 साल के ऑस्कर इतिहास में पहली बार किसी महिला ने बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार जीता। अवार्ड लेते समय ऑटम ने अपनी स्पीच के बीच एक भावुक अपील की-यहां मौजूद सभी महिलाएं कृपया खड़ी हो जाएं। जब डॉल्बी थिएटर में मौजूद महिलाओं ने खड़े होकर उनका साथ दिया, तो वह दृश्य एकजुटता और प्रेरणा का प्रतीक बन गया।
करियर का टर्निंग पॉइंट
फिल्म इंस्टीट्यूट के दिनों में ही एक संयोग ने उनके करियर को नई दिशा दी। एक दोस्त की जगह शूट करने वह एक सेट पर पहुंचीं, जहां फिल्ममेकर Francis Ford Coppola की पोती Gia Coppola प्रोड्यूसर थीं। दोनों ने साथ काम करना शुरू किया और जब जिया ने अपनी पहली फिल्म Palo Alto (2013) निर्देशित की, तो उसकी सिनेमैटोग्राफर ऑटम ही थीं। यही प्रोजेक्ट उनके करियर का मजबूत आधार बना।
संघर्ष और यादों से जन्मा कैमरे का सपना
ऑटम का बचपन साधारण था, लेकिन उनकी प्रेरणा असाधारण जगह से आई। फिलिपिनो और अफ्रीकन-अमेरिकन मूल के परिवार में जन्मीं ऑटम का पालन-पोषण एक सिंगल मां ने किया। उनके नाना-नानी काम के सिलसिले में अलग-अलग जगहों पर जाते रहते थे और वहां की तस्वीरें संभालकर रखते थे। यही पुरानी फोटो एल्बम्स ऑटम के लिए तस्वीरों की दुनिया का पहला दरवाजा बनीं।
स्कूल के दिनों में ही उन्होंने फोटोग्राफी शुरू कर दी थी। आगे चलकर वह आर्ट हिस्ट्री पढ़ना चाहती थीं, लेकिन दाखिले के दौरान उन्हें फिल्म से जुड़ा एक कोर्स लेना पड़ा। इसी कोर्स में उन्होंने फिल्मों को देखा और उनकी दुनिया बदल गई। तस्वीरों से प्यार अब चलती तस्वीरों यानी सिनेमा की ओर मुड़ चुका था। इसके बाद उन्होंने सिनेमैटोग्राफी सीखने के लिए रुख किया।
सिनर्स और 45 किलो कैमरे का चुनौतीपूर्ण सफर
ऑटम के करियर का सबसे बड़ा मुकाम फिल्म Sinners साबित हुई। 1930 के दशक के मिसीसिपी पर आधारित इस कहानी को निर्देशक रायन कूगलर बेहद अलग विजुअल स्टाइल में शूट करना चाहते थे। फिल्म को दो बड़े फॉर्मेट में शूट किया गया- अल्ट्रा-पैनाविजन 70
इस शूट के लिए इस्तेमाल हुआ पैनाविजन 65 कैमरा, इसका वजन करीब 45 किलो होता है। इतने भारी और जटिल सेटअप के साथ काम करते हुए ऑटम इस फॉर्मेट में शूट करने वाली पहली महिला सिनेमैटोग्राफर बन गईं। फिल्म के विजुअल्स-गहरे टेक्सचर, पुराने दौर की रोशनी और सिनेमाई फ्रेम-ने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों को प्रभावित किया। एक जीत, जो सिर्फ व्यक्तिगत नहीं ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ की यह उपलब्धि सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से मौजूद लैंगिक असंतुलन को चुनौती देने वाला क्षण है।
45 किलो के कैमरे से लेकर ऑस्कर ट्रॉफी तक का उनका सफर यह साबित करता है कि विजन, मेहनत और जुनून के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। और शायद इसी वजह से उनकी जीत सिनेमा इतिहास में एक नए युग की शुरूआत मानी जा रही है।

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