एमडीआर-183 पर अधूरी सड़क बनी मुसीबत,वन विभाग की रोक से अटका 5.9 किमी निर्माण
हजारों लोगों को रोज झेलनी पड़ रही परेशानी
साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ।
भण्डेड़ा। भण्डेड़ा क्षेत्र में एमडीआर-183 मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर अधूरी सड़क निर्माण के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भरने से हालात और भी गंभीर हो गए हैं। क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा धनावा से वाया दबलाना, बांसी होते हुए नैनवां तक करीब 45 किमी सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन दो स्थानों पर वन विभाग की आपत्ति के चलते निर्माण कार्य अधूरा रह गया।
जानकारी के अनुसार एक स्थान पर लगभग 2.9 किमी और दूसरे स्थान पर करीब 3 किमी सड़क का निर्माण रुका हुआ है। इन अधूरे हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसाती पानी भरने से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन खोकर गिर रहे हैं, जबकि चौपहिया और लोडिंग वाहन भी हिचकोले खाते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग नैनवां व हिण्डोली उपखंड सहित करीब 50 गांवों को बूंदी जिला मुख्यालय से जोड़ता है। अधूरी सड़क के कारण रोजाना हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्वीकृति के बावजूद शुरू नहीं हुआ निर्माण
दबलाना से बांसी के बीच सांवतगढ़-फोकी पिपलिया मार्ग पर वन सीमा का हवाला देकर निर्माण कार्य रोका गया था। इसी तरह मानपुरा की डुंगरिया से नैनवां की ओर भी करीब 3 किमी क्षेत्र में कार्य अटका रहा। हालांकि अब वन विभाग से स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
गड्ढों के कारण लगते हैं तेज झटके
स्थानीय निवासी नीरूशंकर शर्मा व अवधेश कुमार जैन ने बताया कि बसों में सफर के दौरान गड्ढों के कारण तेज झटके लगते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। वहीं डेयरी संचालक कौशल किराड़ ने बताया कि वाहन में दूध की केन हिचकोलों के कारण गिर जाती है, जिससे नुकसान उठाना पड़ता है।
वन विभाग की समस्या का समाधान हो चुका है और स्वीकृति भी मिल गई है। करीब 10 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि भी उपलब्ध हो चुकी है। नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही शेष सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
-हरिराम मीणा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी

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