एएनएम ने डॉक्टर के सरकारी क्वार्टर में लगाया फंदा, लंबे समय से दोनों में थे प्रेम संबंध
दुष्कर्म के बाद हत्या का संगीन आरोप
एक डॉक्टर के सरकारी क्वार्टर में तैनात उसकी प्रेमिका एएनएम ने मौत को गले लगा लिया। डॉक्टर की बेवफाई और शादी के टूटे सपनों ने युवती को खुदकुशी के रास्ते पर धकेल दिया। मृतका के परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का संगीन आरोप लगाया है।
उदयपुर। उदयपुर के कानोड़ कस्बे में एक डॉक्टर के सरकारी क्वार्टर में तैनात उसकी प्रेमिका एएनएम ने मौत को गले लगा लिया। डॉक्टर की बेवफाई और शादी के टूटे सपनों ने युवती को खुदकुशी के रास्ते पर धकेल दिया। मृतका के परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का संगीन आरोप लगाया है। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर आरोपी डॉक्टर सुरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस के अनुसार कानोड़ सीएचसी में तैनात डॉक्टर सुरेंद्र बिजारणिया और राजपुरा सीएचसी की एएनएम अनीता मीणा (30) के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों के कार्यक्षेत्र आसपास होने के कारण मेल-जोल बढ़ गया था। अनीता, डॉक्टर सुरेंद्र पर शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन डॉक्टर ने उसे अंधेरे में रखा और पिछले साल दिसंबर में किसी अन्य महिला से शादी कर ली। शादी के बाद से ही अनीता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही थी और दोनों के बीच इसी बात को लेकर लगातार अनबन चल रही थी।
चार दिन से क्वार्टर में थी अनीता
पुलिस ने बताया कि अनीता पिछले चार दिनों से डॉक्टर के सरकारी क्वार्टर में ही रह रही थी। बुधवार रात जब डॉक्टर मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था, तभी अनीता कमरे में गई और दरवाजा बंद कर फंदे पर लटक गई। डॉक्टर को अनहोनी का अहसास हुआ तो उसने सब्बल और अन्य संसाधन से दरवाजा तोड़ा। डॉक्टर सुरेंद्र ने प्रेमिका की मौत के बाद शव को पंखे से उतारा, लेकिन उसे अस्पताल ले जाने या पुलिस को सूचित करने के बजाय शव को क्वार्टर की सीढि़यों पर लावारिस फेंक दिया। इसके बाद उसने परिजनों को सूचना दी और खुद रात के अंधेरे में कार लेकर अपने गांव जाने के लिए फरार हो गया। चित्तौड़गढ़ की मंगलवाड़ पुलिस ने रात करीब 1 बजे भागते हुए डॉक्टर को हिरासत में ले लिया।

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