निम्स मेडिकल कॉलेज को बड़ी सफलता: 5 घंटे चली जटिल सर्जरी, 15 वर्षीय बच्चे को मिला नया जीवन
मेडिकल उपलब्धि: निम्स अस्पताल ने जटिल ट्यूमर की सर्जरी कर दी नई जिंदगी
निम्स मेडिकल कॉलेज, जयपुर के ENT विभाग ने 15 वर्षीय किशोर के नाक और स्कल बेस तक फैले दुर्लभ JNA ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है। डॉ. मानप्रकाश शर्मा और उनकी टीम ने आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक का उपयोग कर बिना किसी बड़े चीरे के इस जानलेवा बीमारी को मात दी। बच्चे की स्थिति अब पूरी तरह सुरक्षित है।
जयपुर। निम्स मेडिकल कॉलेज के ई एन टी विभाग ने एक बेहद कठिन और खतरनाक बीमारी का सफल इलाज कर एक मिसाल पेश की है। 15 वर्षीय एक बच्चे के दाईं नाक (राइट नेजल कैविटी) में जुवेनाइल नैसोफेरिंजियल एंजियोफाइब्रोमा (JNA) नामक दुर्लभ ट्यूमर था, जो खोपड़ी के बेस (स्कल बेस) तक फैल चुका था। यह जटिल सर्जरी ENT विभाग के प्रमुख डॉ. मानप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में की गई। ऑपरेशन की मुख्य जिम्मेदारी डॉ. समन्वय सोनी और डॉ. तेजस्विनी जे.एस. ने संभाली। यह सर्जरी आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक से की गई, जिससे बिना बड़ा चीरा लगाए ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया गया।
सर्जरी से पहले इंटरवेंशन रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. मनीष शॉ और उनकी टीम ने एम्बोलाइजेशन प्रक्रिया कर ट्यूमर में खून की सप्लाई को नियंत्रित किया, जिससे ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से किया जा सका। करीब 5 घंटे तक चली इस सर्जरी में ENT सर्जन्स, एनेस्थीसिया टीम और नर्सिंग स्टाफ ने बेहतरीन तालमेल और कुशलता का परिचय दिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता नहीं हुई और ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। जुवेनाइल नैसोफेरिंजियल एंजियोफाइब्रोमा (JNA) एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक ट्यूमर होता है, जो ज्यादातर किशोर लड़कों में पाया जाता है। यह तेजी से बढ़ सकता है और नाक, साइनस व आसपास की हड्डियों तक फैल सकता है। भारत में इसके मामले बहुत कम होते हैं-लगभग 1 लाख लोगों में 1 से भी कम केस पाया जाता है-लेकिन समय पर इलाज न होने पर यह गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।

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