जनगणना 2027 की तैयारियों को मिली रफ्तार : पहले चरण की जानकारी साझा, झालाना डूंगरी में प्रेसवार्ता आयोजित, मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य
प्रक्रिया चार प्रमुख भागों में पूरी होगी
भारत की जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, पहला चरण 16 मई से 14 जून तक चलेगा। स्व-गणना 1 से 15 मई 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल पर होगी। निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होगी, जिसमें पोर्टल, ऐप और फील्ड वेरिफिकेशन शामिल।
जयपुर। भारत की जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को झालाना डूंगरी स्थित जनगणना कार्य निदेशालय में आयोजित प्रेसवार्ता में जनगणना के प्रथम चरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। इस दौरान निदेशक, जनगणना कार्य बिष्णु चरण मल्लिक ने मीडिया को बताया कि जनगणना का पहला चरण-मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना- मई माह से शुरू किया जाएगा। इस दौरान जनगणना प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही आमजन की भूमिका और जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया। इस अवसर पर सीएमएमएस पोर्टल और मकान सूचीकरण एप का डेमो भी प्रस्तुत किया गया। जनगणना 2027 के प्रथम चरण अर्थात मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई से 14 जून के बीच कराया जाएगा। इससे पहले स्व गणना के लिए 1 मई से 15 मई 2026 की समयावधि में संचालित किया जाएगा। ऑनलाइन पोर्टल से लेकर फील्ड वेरिफिकेशन तक 4 चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं और इसके तहत स्व-गणना की विस्तृत प्रक्रिया आमजन के लिए जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया के जरिए लोग घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं और इसके तहत स्व-गणना की विस्तृत प्रक्रिया आमजन के लिए जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया के जरिए लोग घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे जनगणना कार्य अधिक सरल और पारदर्शी बनेगा।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया चार प्रमुख भागों में पूरी होगी। पहले चरण में नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल https:// se.census.gov.in पर लॉग-इन कर प्रारंभिक पंजीकरण करना होगा, जिसमें परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
दूसरे चरण में सत्यापन और स्थान की पहचान की प्रक्रिया होगी, जिसमें भाषा का चयन, ओटीपी के जरिए सत्यापन और नक्शे पर अपने निवास स्थान को चिन्हित करना शामिल है।
तीसरे चरण में विस्तृत जानकारी भरने के बाद पूर्वावलोकन (Preview) कर अंतिम प्रस्तुतिकरण करना होगा। इसके बाद एक यूनिक स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) जारी की जाएगी।
अंतिम चरण में क्षेत्रीय गणनाकर्ता घर-घर जाकर विवरण का सत्यापन करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल पहल से जनगणना प्रक्रिया अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी बनेगी, वहीं आमजन की सक्रिय भागीदारी इसकी सफलता की कुंजी होगी।

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