संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहा देईखेड़ा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एक चिकित्सक के भरोसे अस्पताल

सेमी ट्रॉमा सेंटर की जरूरत 

संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहा देईखेड़ा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एक चिकित्सक के भरोसे अस्पताल

हाईवे किनारे स्थित होने से यहां सेमी ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता है।

देईखेड़ा । कोटा-दौसा मेगा हाईवे के किनारे स्थित देईखेड़ा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों के अभाव के चलते गंभीर घायलों का समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि सड़क हादसों में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में छह चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल दो ही कार्यरत हैं, जबकि चार पद रिक्त हैं। इनमें से एक महिला चिकित्सक लंबे समय से अवकाश पर हैं और दूसरे चिकित्सक अस्पताल प्रभारी होने के कारण प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। मेगा हाईवे एवं दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते यातायात के कारण दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है, लेकिन अस्पताल में ईसीजी मशीन का ऑपरेटर नहीं है तथा फ्रैक्चर के उपचार हेतु प्लास्टर की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को अन्यन्त्र रेफर करना मजबूरी बनी हुई है।

सेमी ट्रॉमा सेंटर की जरूरत 
हाईवे किनारे स्थित होने के कारण यहां सेमी ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि हादसों में घायलों को त्वरित उपचार मिल सके। इस संबंध में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ओ पी सामर ने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

मोर्चरी का अभाव
अस्पताल में मोर्चरी सुविधा नहीं होने से दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के शवों को सुरक्षित रखने में दिक्कत आती है। कई बार शवों को लाखेरी अस्पताल भेजना पड़ता है, जिससे परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

रिक्त पदों की स्थिति
इस अस्चापताल में चार चिकित्सकों के पद रिक्त, एक एलएचवी का पद रिक्त और तीन वार्ड बॉय के पद खाली है।

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पेयजल संकट
अस्पताल में उपलब्ध बोरिंग का पानी पीने योग्य नहीं है। पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

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अस्पताल की स्थिति से लोकसभा अध्यक्ष को अवगत करवा कर क्षेत्र के दो दर्जन गांवों की इलाज के लिये निर्भरता को देखते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
- दिनेश व्यास, अध्यक्ष, देईखेड़ा व्यापार मंडल

यह कहा अधिकारी ने
अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों व कर्मिको के साथ बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास रहता है। स्वयं विगत चार महीनों से 24 घण्टे उपलब्ध रहता हूं। सड़क हादसों में गम्भीर घायलों के लिये ईसीजी मशीन ऑपरेटर व हड्डियों के चिकित्सक ओर सन्साधन उपलब्ध करवाने के लिये समय समय बैठकों में उच्चाधिकारियों को अवगत रखा है और अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार के लिये उच्चाधिकारियों को पस्ताव भी भिजवा रखे है.
- नरेंद्र गुर्जर, कार्यवाहक प्रभारी, राजकीय अस्पताल, देईखेड़ा

 

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