अंबेडकर जयंती पर मायावती का नमन : गरीबों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा में बीता जीवन, कहा- देश में करोड़ों लोगबेरोजगारी, जातिवाद और शोषण की समस्याओं से जूझ रहे
बाबा साहेब के मिशन को आगे बढ़ाना होगा
अंबेडकर जयंती पर बसपा प्रमुख मायावती ने बाबा साहेब को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन गरीबों, वंचितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने संविधान को समानता की गारंटी बताया। सरकारों पर निशाना साधते हुए बोलीं—यदि सिद्धांत सही लागू होते, तो देश आत्मनिर्भर होता। अंत में कहा, “जय भीम, जय भारत।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए देशवासियों, विशेषकर पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का पूरा जीवन गरीबों, वंचितों, शोषितों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सम्मान के लिए संघर्ष में बीता। मायावती ने अपने संदेश में कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समानता और न्याय की गारंटी सुनिश्चित की, जिससे वे अमर हो गए और देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने बसपा समर्थकों द्वारा पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए धन्यवाद भी दिया।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्यों की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि बाबा साहेब के मानवतावादी और बहुजन-कल्याणकारी संविधान के उद्देश्यों को सही ढंग से लागू किया गया होता, तो आज देश पूरी तरह आत्मनिर्भर और विकसित बन चुका होता। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी भी देश में करोड़ों लोग गरीबी, बेरोजगारी, जातिवाद और शोषण जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
मायावती ने कहा कि इन हालातों के लिए जिम्मेदार कारणों की तलाश कर, बाबा साहेब के सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के मिशन को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी रास्ते पर चलकर देश को समानता और न्याय आधारित समाज की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। अंत में उन्होंने जय भीम, जय भारत के नारे के साथ अपना संदेश समाप्त किया।

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