आरबीआई का फैसला : रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर स्थिर, मल्होत्रा ने कहा- जीडीपी में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान
महंगाई दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर रहेगी
आरबीआई ने पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई बाधाओं के बीच रेपो दर 5.25% पर स्थिर रखी। एमपीसी ने सर्वसम्मति से अन्य दरें भी यथावत रखीं और रुख तटस्थ बनाए रखा। जीडीपी वृद्धि 2026-27 में 6.9% रहने का अनुमान है, जबकि ईंधन व कमोडिटी दबाव से महंगाई 4.6% तक रह सकती है।
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पश्चिम एशिया संकट के बीच आपूर्ति श्रृंखला में आयी बाधाओं और मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका के बीच रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखी है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को समाप्त तीन दिन की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो दर तथा दूसरी नीतिगत दरों को स्थिर रखने का फैसला किया। साथ ही केंद्रीय बैंक ने रेपो दर को लेकर अपना रुख तटस्थ बनाये रखा है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट पांच प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट 5.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहेगी।
वित्त वर्ष 2026-27 में एमपीसी की पहली बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वैश्विक चुनौतियों और उनके घरेलू असर को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने कहा कि ईंधन और अन्य कॅमोडिटी पर मुद्रास्फीति के दबाव के कारण चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर रहेगी।

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