नासिक में जाम में फंसी गर्भवती महिला : अमजद की इंसानियत बनी नई जिंदगी की वजह, हिम्मत और कोशिश से रिक्शे में गूंजी किलकारी
मजदूरों के साथ यात्रा कर रही थी
हाईवे पर भीषण जाम के बीच गर्भवती मजदूर मजीला आवेश वाडवे को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। रिक्शा चालक अमजद अत्तार और सामाजिक कार्यकर्ता रितेश पगारे ने अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ता बंद होने से महिला ने रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दिया।
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक गर्भवती महिला का वाहन भारी ट्रैफिक में जाम में फंस गया, तब उसकी मदद एक रिक्शा वाले ने की, लेकिन वो महिला अस्पताल पहुंचती, उसके पहले ही रिक्शे में ही बच्चे का जन्म हो गया। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के केलीपानी की रहने वाली मजीला आवेश वाडवे नाम की यह श्रमिक महिला अन्य गन्ना मजदूरों के साथ यात्रा कर रही थी, तभी उनका वाहन मनमाड से गुजरने वाले हाईवे पर भीषण जाम में फंस गया। जब वाहन लंबी कतारों में खड़े थे, तभी महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
इस बीच रिक्शा चालक अमजद अत्तार आगे आए और अस्पताल पहुँचाने की कोशिश में महिला और उसके परिवार को अपने वाहन में बिठा लिया। हालांकि, आगे का रास्ता पूरी तरह से बंद था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, सामाजिक कार्यकर्ता रितेश पगारे अपनी दोपहिया गाड़ी पर आगे बढ़े और ट्रैफिक हटाकर रास्ता बनाने की कोशिश की। उनके तमाम प्रयासों के बावजूद, अस्पताल पहुँचने से पहले ही महिला ने रिक्शा के अंदर बच्चे को जन्म दे दिया।
प्रसव के बाद माँ और नवजात शिशु को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि दोनों की हालत स्थिर है और वे स्वस्थ हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है, जिन्होंने खराब ट्रैफिक प्रबंधन और हाईवे पर लगने वाले जाम को लेकर प्रशासन की आलोचना की है।

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