''युद्ध का असर, महंगा हुआ हवाई सफर'' : बुधवार से महंगे होंगे एयर इंडिया के टिकट, ईंधन शुल्क बढ़ाने की घोषणा
हवाई सफर महंगा: एयर इंडिया ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
टाटा समूह की एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 8 अप्रैल से टिकटों पर ईंधन शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। वैश्विक स्तर पर विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में उछाल के कारण घरेलू उड़ानों पर ₹299 से ₹899 तक का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी शुल्क में भारी वृद्धि की गई है।
नई दिल्ली। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बुधवार 08 अप्रैल से टिकट पर ईंधन शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है। एयरलाइंस ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि देश में और वैश्विक स्तर पर विमान ईंधन की कीमतों में पिछले कुछ समय में आयी तेजी को देखते हुए ईंधन शुल्क बढ़ाना अनिवार्य हो गया था। घरेलू मार्गों पर 08 अप्रैल या उसके बाद बुक करायी गयी टिकटों पर पांच सौ किमी तक की दूरी के लिए 299 रुपये ईंधन शुल्क लगेगा। इससे अधिक और एक हजार किमी तक की दूरी के लिए ईंधन शुल्क 399 रुपये रखा गया है।
एयरलाइंस ने बताया कि एक हजार किमी से अधिक और डेढ़ हजार किमी तक की उड़ानों पर 549 रुपये तथा डेढ़ हजार किमी से अधिक और दो हजार किमी तक की उड़ानों के लिए प्रति यात्री 749 रुपये का ईंधन शुल्क लगाया जायेगा। वहीं, 2000 किमी से अधिक की दूरी के लिए 899 रुपये ईंधन शुल्क होगा। इससे पहले एयर इंडिया ने सभी घरेलू मार्गों पर पहली बार 12 मार्च से 399 रुपये का ईंधन शुल्क लगाया था।
बुधवार 08 अप्रैल से दक्षेस के देशों (बंगलादेश को छोड़कर) के लिए ईंधन शुल्क 24 डॉलर, पश्चिम एशिया के लिए 50 डॉलर, चीन और दक्षिण पूर्व एशिया (सिंगापुर को छोड़कर) के लिए 100 डॉलर, सिंगापुर के लिए 60 डॉलर और अफ्रीकी देशों के लिए 130 डॉलर प्रति यात्री तय किया गया है। वहीं, 10 अप्रैल से यूरोप (ब्रिटेन सहित) के लिए 205 डॉलर और उत्तरी अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया के लिए 280 डॉलर का ईंधन शुल्क लगाने की घोषणा की गयी है।
एयरलाइंस ने बताया है कि बंगलादेश और सुदूर पूर्व के देशों जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के लिए ईंधन शुल्क की घोषणा बाद में की जायेगी। नये ईंधन शुल्क पहले बुक कराये गये टिकटों पर लागू नहीं होंगे। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि फरवरी के अंत में विमान ईंधन की वैश्विक औसत कीमत 99.40 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 27 मार्च को समाप्त सप्ताह में 195.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गयी थी। इस वृद्धि का कुछ बोझ कंपनी स्वयं वहन कर रही है जबकि कुछ बोझ यात्रियों पर डाला गया है।

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