टी-20 विश्व कप : भारत के लिए ‘करो या मरो’ का मुकाबला, सुपर-8 में जिम्बाब्वे से होगी टक्कर
सूर्यकुमार से रहेंगी उम्मीदें
एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारत सुपर-8 के करो या मरो मुकाबले में जिम्बाब्वे से भिड़ेगा। सेमीफाइनल की उम्मीदें बनाए रखने के लिए जीत जरूरी। बल्लेबाजों को संयमित शुरुआत करनी होगी। मध्य ओवरों में लय बनाए रखना अहम। सूर्यकुमार यादव के आक्रामक खेल और हार्दिक पंड्या की फिनिशिंग पर टीम की उम्मीदें टिकी।
चेन्नई। खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरी गत चैम्पियन भारतीय टीम ‘करो या मरो’ के मुकाबले में फंस गई है और सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदों के लिए उसे सुपर-8 के मुकाबले में जिम्बाब्वे को हराना होगा। एमए चिदंबरम स्टेडियम में उमस भरी शाम को भारत और जिम्बाब्वे दोनों यह जानते हुए मुकाबले में उतरेंगे कि एक और हार न सिर्फ उनके कैंपेन को नुकसान पहुंचाएगी, बल्कि उनके सेमीफाइनल के सपने भी खत्म कर देगी। भारत पर उम्मीदों का बोझ है, लेकिन सिर्फ उम्मीद से स्कोरबोर्ड पर दबाव नहीं पड़ता। उनके बल्लेबाजों को अपनी ताकत दिखाने से पहले सब्र के साथ पारी बनानी होगी।
सूर्यकुमार से रहेंगी उम्मीदें :
शुरुआती ओवरों में टॉप ऑर्डर को डिसिप्लिन दिखाना होगा। नई गेंद की चुनौती को समझना होगा और फिर कंट्रोल में अटैक करना होगा। बीच के ओवर जंग का मैदान बन जाते हैं जहां या तो मोमेंटम बचाना होता है या खोना होता है। बहुत कुछ सूर्यकुमार यादव के निडर स्ट्रोक प्ले पर निर्भर करेगा, जो एक ऐसे बैट्समैन हैं, जो तेज और अहम शॉट सिलेक्शन से गेम की लय बदल सकते हैं। उनका साथ हार्दिक पंड्या की जबरदस्त फिनिशिंग काबिलियत देगी, जिनसे उम्मीद की जाएगी कि वे क्लासिक लेट-इनिंग्स रोल-एब्जॉर्ब प्रेशर निभाएंगे, फिर जब बॉलर थक जाएं और फील्ड फैल जाए तो स्ट्राइक करेंगे।

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