सीरिया में आईएसआईएस के कैंपों पर अमेरिका ने किए हवाई हमले, नागरिक को नहीं पहुंचा है नुकसान
नागरिकों पर हमले की योजना को विफल करना है
इस्लामिक स्टेट समूह और अल कायदा से जुड़े 37 आतंकी मारे गए थे। यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया था कि अमेरिका ने उत्तर पश्चिमी सीरिया पर हमला किया।
दमिश्क। यूएस सेंट्रल कमांड ने सीरिया में आईएसआईएस के कई कैंपों पर हवाई हमले किए। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक हमलों का उद्देश्य आईएसआईएस की अमेरिका, उसके सहयोगियों और नागरिकों पर हमले की योजना को विफल करना है। साथ ही इससे आईएसआईएस की संचालन क्षमता भी बाधित होगी। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक हमले में किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा है। इससे पहले 29 सितंबर को भी सीरिया में अमेरिका ने हवाई हमला किया था। इसमें इस्लामिक स्टेट समूह और अल कायदा से जुड़े 37 आतंकी मारे गए थे। यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया था कि अमेरिका ने उत्तर पश्चिमी सीरिया पर हमला किया।
इसमें अल कायदा से जुड़े हुर्रस अल दीन समूह के शीर्ष नेता और आठ अन्य को निशाना बनाया गया। इन आतंकियों पर सैन्य अभियानों की निगरानी का जिम्मा था। इसके साथ ही मध्य सीरिया में आईएस के प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया गया था। इसमें 28 आतंकी मारे गए थे। इनमें चार सीरियाई नेता शामिल थे। अमेरिकी सेना के मुताबिक हवाई हमले के जरिये अमेरिकी हितों के साथ.साथ हमारे सहयोगियों और साझेदारों के खिलाफ आॅपरेशन चलाने की आईएसआईएस की तैयारी को ध्वस्त किया गया। सीरिया में लगभग 900 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिका की सेना पूर्वोत्तर सीरिया में अपने प्रमुख सहयोगियों कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज को सलाह और सहायता देती हैं। अब एक बार फिर सीरिया में आईएसआईएस के कैंपों पर अमेरिका ने हवाई हमले किए हैं।
यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि हवाई हमलों में क्षति का आकलन किया जा रहा है। जबकि किसी नागरिक के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा दौर में जब इजरायल और अनेक पश्चिम एशियाई देश एवं आतंकवादी संगठन भारी संघर्ष में उलझे हुए हैं। ऐसे में सीरिया में अमेरिकी कार्रवाई के दूरगामी असर हो सकते हैं। फिर भी इतना तो तय है कि इससे अन्य पश्चिम एशियाई देशों के सामने खुलासा हो गया है कि अमेरिका इजरायली हितों का संरक्षक है। वह इजरायल की मदद के लिए खुल कर सामने आ सकता है।
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